जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, कहा- 'सिलावट का स्वार्थ ही है जो लोगों को इस संकट में भी लाइन में लगना पड़ेगा'

उपचुनाव के रण में तुलसी सिलावट पर बरसे जयवर्धन सिंह।

By: Faiz

Updated: 08 Oct 2020, 05:48 PM IST

इंदौर/ मध्य प्रदेश में जैसे जैसे उपचुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं। वैसे वैसे राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सांवेर की जनता से भाजपा में शामिल हुए तुलसी सिलावट के बारे में कहा कि, 'मंत्री तुलसी सिलावट के स्वार्थ के कारण इस कोरोना महामारी बीच भी आम जनता को चुनाव के लिए लाइन में लगना पड़ेगा। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सांवेर में मेट्रो चलाने का वादा किया था, क्या सिलावट के लिए इतना काफी नहीं था जो उन्होंने जनता के वोट को बेच दिया।

 

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सिंधिया पर भी हमलावर हुए जयवर्धन

जयलर्धन सिंह ने ये बात सांवेर में कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्डू के समर्थन में प्रचार के दौरान कही। जयवर्धन ने कहा कि, ज्योतिरादित्य सिंधिया से किसी को उम्मीद नहीं थी, कि वो पार्टी छोड़कर जाएंगे। कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया। सिंधिया और उनके समर्थकों ने गद्दारी करके जनता का बहुत बड़ा अपमान किया है। उन्होंने कहा कि, सिंधिया 20 साल सांसद रहे। पांच साल केंद्रीय मंत्री, लेकिन जिस दिन सिंधिया, उनके समर्थक मंत्री, विधायकों ने पद से इस्तीफा दिया, हमने उसी दिन तय कर लिया था कि, अब हम पूरी ताकत से काम करके पार्टी और देश से गद्दारी करने वालों को सबक सिखांएगे। हर विधायक जनता के आशीर्वाद से चुनाव जीतता है, जनता उसे पांच साल के लिए चुनती है, लेकिन, कोई विधायक या मंत्री जनता का वोट को बेचकर उस पार्टी में चला जाए, जिसके खिलाफ उसने वोट किया था, तो इससे बड़ा जनता का अपमान और क्या होगा।

 

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कर्जमाफी, बिजली बिल में कमी क्या कमलनाथ की गलती थी

कांग्रेस उम्मीदवार गुड्डू को लेकर कहा कि वे पहले भी यहां से विधायक रह चुके हैं। जनता आज भी उनके कार्यकाल को याद करती है, चाहे फिर वो डेम निर्माण हो या सड़क निर्माण हो। सांवेर का हर मतदाता यह पूछ रहा है जिन्हें 2 साल पहले उन्होंने वोट देकर जिताया, उन्होंने 15 महीने में ही इस्तीफा क्यों दे दिया। क्या गलती थी कमलनाथ की। कर्जमाफी की तो कमलनाथ ने की। भाजपा के कृषि मंत्री ने विधानसभा में स्वीकार किया कि कांग्रेस सरकार में 27 लाख किसानों का करीब 11 हजार करोड़ का कर्जमाफी किया। कमलनाथ ने बिजली बिल कम किए, पेंशन दोगुनी की, गौ शालाएं खोलीं।

 

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मेट्रो ट्रेन सांवेर तक पहुंचाने का वादा क्या कम था- जयवर्धन

जयवर्धन सिंह ने आगे कोरोना को लेकर कहा कि, मध्य प्रदेश में पर्याप्त टेस्टिंग की व्यवस्था नहीं है, न ही पर्याप्त बेड हैं। इन्होंने उस समय सरकार गिराई, जब ये महामारी तेजी से फैल रही थी। इन्हें जनता की परवाह, नहीं सत्ता की भूख है। जो लोग ये सोचते हैं कि पैसे के दाम पर सत्ता मिलती है, उन्हें 3 नंवबर को जनता ही सबक सिखाएगी। तीन दिन में 70 लाख पकडा़ने पर कहा कि, पाप के रुपए का लाभ कभी नहीं मिलता।

 

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10 नवंबर को नतीजे फिर से कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाएंगे- जयवर्धन

उन्होंने कहा कि, हम प्रदेश की सभी 28 सीटों पर इस उम्मीद से चुनाव लड़ रहे हैं कि जनता का पूरा आशीर्वाद कांग्रेस को मिलेगा। कमलनाथ ने 15 महीने की सरकार में भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया। 15 सालों में कभी भी भाजपा ऐसा करने का नहीं सोच सकी। कमलनाथ निस्वार्थ रूप से जनता की सेवा करते रहे। भाजपा के बड़े-बड़े दलालों को कमलनाथ ने सबक सिखाया। शायद यही गलती थी कमलनाथ की। मिलावटखोरों पर भी जमकर कार्रवाई की गई। जो अभियान कमलनाथ ने चलाए थे, उनके प्रति प्रदेशभर में सहानुभूति है। जनता चाहती है कि, कमलनाथ को पूरे पांच साल दिए जाएं और हम जल्द ही देखेंगे कि, आगामी 10 नवंबर को नतीजे सामने आने के बाद कमलनाथ एक बार फिर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

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