पिता की पुण्यतिथि पर गांव पहुंचा था जीतू सोनी, क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

पुलिस के शिकंजे में मीडिया माफिया जीतू, हनी ट्रैप के बाद 47 केस ,211 दिन रहा फरार

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 29 Jun 2020, 03:19 PM IST

इंदौर। मीडिया माफिया और हनी ट्रैप मामले के अलग-अलग मामलों में 1.60 लाख के वांटेड आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू सोनी को ऑपरेशन 'डासिंग इन द डार्क' के जरिए गुजरात के अमरेली के पास उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। पिता के पहले पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने के पहले ही उसे पकड़ लिया। जीतू पर 64 केस दर्ज है। वह 211 दिन से फरार था। पलासिया थाने में पंजीबद्ध मानव तस्करी के मामले में आज जीतू को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 3 जुलाई तक रिमांड पर सौंपा जाएगा।

आईजी विवेक शर्मा ने बताया अमरेली के पास पैतृक गांव धारग्नि से होटल माय होम के संचालक जीतू सोनी को रविवार अल सुबह 3:30 बजे हिरासत में लिया। वह पिता की पुण्यतिथि में शामिल होने वहां पहुंचा था। जीतू के पास एक मोबाइल और एक हार्ड डिक्स मिली है। हालांकि पुलिस हार्ड डिक्स मिलने की पुष्टि नहीं कर रही है। गिरफ्तारी के बाद जीतू ने मीडिया से बातचीत में कहा सारे मुकदमे राजनीति से प्रेरित हैं। इनकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।


3 महीने से कर रहे थे ट्रैकिंग
जीतू को पकड़ने क्राइम ब्रांच ने ऑपरेशन डासिंग इन द डार्क बनाया। एएसपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अलावा, 8 एएसआई, 37 पुलिसकर्मी और 6 तकनीकी सेल के लोगों को शामिल किया गया। अमरेली में जीतू के भाई महेंद्र सोनी की गिरफ्तारी के समय राजकोट के फार्म हाउस से जीतू, विक्की और जिम्रेश भाग निकले थे। तकनीकी सेल के 6 लोगों की टीम 3 महीने से उसे ट्रैक कर रही थी। वहीं मैदानी टीम ने गुजरात, महाराष्ट्र में कई जगह की खाक छानी। अंदेशा हुआ कि जीतू सोनी दक्षिण में छिपा हो सकता है। इसके बाद केरल और अन्य जगहों पर मॉनिटरिंग की गई। पुलिस ने तेलंगाना भी हाथ-पैर मारे। दंडोतिया ने अहमदाबाद सूरत में मुखबिर तैयार किए थे। लगातार सर्चिंग के बाद आखिरकार जीतू को गुजरात के अमरेली में पकड़ा गया।

पेश होने की आशंकाएं भी
वांटेड मीडिया माफिया जीतू सोनी के गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। घेराबंदी के बाद गिरफ्तारी का दावा है जबकि छोटे भाई की गिरफ्तारी के तीन-चार दिन में जीतू के गिरफ्तार होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। पेश होने की आशंकाएं भी हैं। अफसरों का दावा है कि अप्रत्यक्ष रूप से बीमार भाई से जीतू तक पहुंचने की राह मिली।

24 जून को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था
गुजरात से जीतू के छोटे भाई महेंद्र सोनी को 24 जून को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा था। जीतू के साथ दो केस में महेंद्र भी आरोपी है। वह गंभीर रूप से बीमार है। पूछताछ में महेंद्र जीतू की जानकारी नहीं होने की बात कर रहा था, लेकिन अफसरों को पता चल गया कि फरारी के दौरान महेंद्र के साथ हमेशा परिवार का सदस्य रहा है। महेंद्र से पूछताछ में पुलिस को उन जगहों की जानकारी मिली जहां वह रहता था।

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मानव तस्करी बलात्कार और ब्लैकमेलिंग के आरोप
जीतू पर मानव तस्करी, देह व्यापार में धकेलने, बलात्कार कब्जा, धमकाने, लाखों रुपए नहीं चुकाने के साथ कई आरोप में केस दर्ज है।


कार का मजबूत कांच टूटा, अफसर बोले पत्थर लगा
जीतू को जिस गाड़ी में पकड़कर इंदौर लाया गया उसका कांच टूटा था आईजी डीआईजी का कहना है कि कांच पर पत्थर लगा था हालांकि पत्थर लगने से ऐसे कांच टूटना मुश्किल है। आशंका है कि जीतू को गांव से लेकर आने के दौरान भीड़ ने उसे छुड़ाने धावा बोला था जिसमें कांच फूट गया। वही अफसर इससे इंकार कर रहे हैं।


नहीं किया किसी तरह का बैंक ट्रांज़ैक्शन
पुलिस और जीतू के बैंक खाते की निगरानी की, लेकिन ट्रांजैक्शन नहीं हुआ था। गुजरात में कुछ लोग मदद करते रहें। परिवार और पूर्व कर्मचारी सहित दो दर्जन लोग इस ऑपरेशन में पुलिस के रडार पर थे। क्राइम ब्रांच टीम के साथ जीतू की सूचना देने वाले मुखबिर को इनाम देने की बात कह रही है।


कमलनाथ सरकार में खुलासा, शिवराज के समय पकड़ा गया
मीडिया माफिया और हनी ट्रैप मामले में फरार रहे जीतू के गोरखधंधे का खुलासा पिछली कमलनाथ सरकार में हुआ था। पिछली सरकार ने जीतू के नेटवर्क को ध्वस्त कर उसके खिलाफ सिलसिलेवार एफ आई आर दर्ज कराई थी। उस समय वह भाग निकला अब शिवराज सरकार के समय जीतू को पकड़ा गया।

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