रिटायर जज दे रहे जज बनने का मंंत्र

रिटायर जज दे रहे जज बनने का मंंत्र

Pawan Rathore | Publish: Sep, 04 2018 10:53:11 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

सिविल जज परीक्षा के लिए जिला कोर्ट बार एसोसिएशन में मुफ्त कोचिंग

इंदौर।
सिविल जज की परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए इंदौर जिला कोर्ट के बार एसोसिएशन में मुफ्त ट्रेनिंग क्लास चलाई जा रही है। इसमें ट्रेनिंग देने के लिए कुछ भूतपूर्व जजों के साथ वर्तमान जज भी शामिल होंगे।
बार एसोसिएशन सिविल जज के परीक्षार्थियों के लिए या मुफ्त ट्रेनिंग क्लास शुरू की है। सिविल जज परीक्षा पैटर्न के सभी नजरियों को ध्यान में रखते हुए परिक्षार्थियों को यहां ट्रेनिंग दी जा रही है।

यह क्लास पिछले 3 सालों से चलाई जा रही है और इस में आने वाले परीक्षार्थियों को ना केवल थ्योरी पढ़ाई जाती है बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। ताकि वे ज्यादा से ज्यादा सिलेक्ट हो और इंदौर बार एसोसिएशन के तले काम करने वाले वकील अलग न्यायालयों में जज बनकर बैठें।

इस क्लास की सफलता का यह आलम है कि साल-दर-साल यहां परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। और इस साल तो लाइब्रेरी के ऊपर वाले हाल में क्लास की व्यवस्था के लिए रखी गई कुर्सियां भी कम पड़ गई। अनुमान है कि डेढ़ सौ से दो सौ विद्यार्थी इस क्लास में लाभ लेंगे। फिलहाल 50 विद्यार्थिओं के साथ क्लास शुरू हो गई है।
रिटायर जज और एजीपी लेंगे क्लास
इस ट्रेनिंग सेंटर में रिटायर जज और शासकीय अधिवक्ता भी क्लास लेंगे। परिक्षार्थियों को कोर्ट के ताजा और महत्वपूर्ण फैसलों के जरिए कानून की धाराओं का ज्ञान करवाएंगे ताकि वे तोता रटंत की भांति केवल रटकर परीक्षा ना देें बल्कि उन्हें विषय का गहरा ज्ञान हो और परीक्षा क्रेक कर सकें। यहां कोचिंग देने के लिए रिटायर्ड एडीजे केएल बोरासी के साथ हाईकोर्ट एडवोकेट और शासकीय अधिवक्ता पंकज वाधवानी, दिनेश रावत और योगेश द्विवेदी आ रहे हैं। क्लास के को-ऑर्डिनेटर और बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अमित पाठक ने बताया कि इस एक महीने रिटायर और वर्तमान जज भी आकर पढ़ाएंगे।
अगले महीने होना है परीक्षा
सिविल जज की परीक्षा अगले महीने होना है। इसके लिए कई कोचिंग क्लास शहर में चल रही हैं। इनमें से कईयों में तो लाखों की फीस है। ऐसे में प्रतिभावान स्टुडेंट्स के लिए यह ट्रेनिंग सेंटर वरदान साबित हो रहा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश पांडे और सचिव गोपाल कचोलिया ने बताया कि यहां ज्यादातर कोर्ट में प्रेक्टिस करने वाले वकील ही आ रहे हैं, लेकिन बाहरी स्टुडेंट्स के लिए भी मनाही नहीं है।

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