गजब कर दिया, आर्थिक राजधानी में आजादी के बाद से नहीं मिली हजारों लोगों को बिजली

बिजली की सच्चाई, अंधेरे में रहने को मजबूर थे 87 हजार परिवार, सौभाग्य में इंदौर बिजली कंपनी ने वितरित किए 87 हजार कनेक्शन तब जाकर आई घरों में रोशनी

By: amit mandloi

Published: 04 Jan 2018, 06:01 AM IST

इंदौर. पिछले एक माह के पहले तक अंधेरे में रहने को ८७ हजार परिवार मजबूर थे। बिना बिजली के अंधेरे में अभी तक अपना जीवन-यापन करने वालों को प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना सौभाग्य के कारण घर सहित उनके जीवन में उजियारा आ पाया।

मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में प्रधानमंत्री की योजना के बाद कई वर्षों से अंधेरे में जीने को मजबूर परिवारों को अब लाभ मिल रहा है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक कंपनी क्षेत्र के दोनों राजस्व संभागों में कुल ८७ हजार कनेक्शन दिए गए है। सौभाग्य योजना के तहत सर्वे होने पर बिजली अधिकारियों की पोल भी उजागर हो रही है। काफी समय से घर-घर में बिजली पहुंचाने की बात हो रही थी, लेकिन सच्चाई कुछ और थी। कंपनी एमडी आकाश त्रिपाठी ने बताया, सौभाग्य का क्रियान्वयन करने के लिए गंभीरतापूर्वक और लक्ष्य निर्धारित कर किया जा रहा है। जनवरी अंत इंदौर, मंदसौर व नीमच के हर घर में कनेक्शन होगा। कंपनी ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि शत-प्रतिशत घरों में बिजली के कनेक्शन वाले हो जाए। प्रत्येक संभाग में महत्वाकांक्षी योजना सौभाग्य के संचालन के लिए प्रभारी इंजीनियर बनाए है। ये इंजीनियर क्षेत्र में दौरा कर कार्य का फीडबेक भी ले रहे है।


कनेक्शन नहीं थे तो बिजली कैसे

सौभाग्य के तहत बिजली कनेक्शन देने की बात तो सामने आ रही है, लेकिन जिस स्थान पर कनेक्शन दिया है, वहां पर अभी तक बिजली का उपयोग हुआ या नहीं इसका उल्लेख भी होना चाहिए। यदि चोरी की बिजली से घर रोशन थे तो अभी तक प्रकरण क्यों नहीं बनाया गया। आसपास के घरों से अगर कनेक्शन लेकर घर को रोशन किया तो यह नियमानसुार सही है। कोई भी उपभोक्ता बिना लाइसेंस के बिजली बेच सकता है। अगर अभी तक बिजली नहीं थी तो वहां के संबंधित अधिकारी ने बिजली पहुंचाने के लिए कुछ क्यों नहीं किया? अगर आज तक कनेक्शन नहीं थे तो बिजली कैसे थी सहित अन्य बिंदुओं पर भी जांच होना चाहिए।

 

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