मुख्यमंत्री के सामने धक्के खाते रहे बच्चे, बरसते पानी में होते रहे परेशान

समारोह में शामिल नहीं हो पाए सैकड़ों विद्यार्थी, अफसर बोले- पालक और टीचर की संख्या बढऩे से कम पड़ी जगह

By: अभिषेक वर्मा

Updated: 21 Jul 2018, 10:48 AM IST

इंदौर. माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी परीक्षा में 75 फीसदी और इससे ज्यादा अंक प्राप्त विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को यहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में संभाग का प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन समारोह आयोजित किया गया। हॉल में जगह नहीं बचने से बाद में आने वालों को प्रवेश नहीं दिया गया। सम्मान के बजाय बच्चे बाहर बारिश में धक्के खाते रहे।

अलग-अलग संभाग में समारोह आयोजित हुआ। मुख्य कार्यक्रम जबलपुर में हुआ, जहां मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बटन दबाकर छात्रों के बैंक खाते में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए। ब्रिलियंट कन्वेंशन में इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, खंडवा व बुरहानपुर के करीब 6 हजार छात्र आमंत्रित किए गए थे। मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह के साथ विधायक रमेश मेंदोला, उषा ठाकुर, राजेश सोनकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले हॉल खचाखच भर गया। 400 से ज्यादा छात्र-छात्राओं को नीचे ही बैठाया गया। 12 बजे बाद इंट्री बंद करने से बाहर बारिश में बच्चे भीगते रहे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से खूब गुजारिश की, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। कई छात्राएं रो पड़ीं।

स्क्रीन पर सुना सीएम का भाषण, बीच में रुके मंत्री

शाह ने भाषण की शुरुआत होते ही कुछ मिनटों में जबलपुर में मुख्यमंत्री चौहान का भाषण शुरू हो गया। तब शाह ने रुकते हुए मुख्यमंत्री का भाषण लगाने को कहा, जिसका बड़ी स्क्रीन पर सीधा प्रसारण कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं तुम्हारे सपनों को मरने नहीं दूंगा। गरीबी किसी भी पढऩे वाले की राह में बाधा नहीं बन पाएगी। नीट, जेइइ, पीएससी, यूपीएससी, लॉ सहित कोई भी कोर्स करो फीस की चिंता मत करो। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया, बच्चे जो कोर्स करना चाहें चुनने दें। कार्यक्रम के बाद शाह व अन्य अतिथियों ने हर जिले के बच्चों के बीच जाकर फोटो सेशन कराया। बच्चों में सेल्फी लेने की होड़ मच गई।

शिक्षकों के लिए अनिवार्य ही रहेगी ई-अटेंडेंस

मीडिया से चर्चा में मंत्री शाह ने कहा, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए इ-अटेंडेंस अनिवार्य रहेगी। शिक्षकों से निवेदन है कि बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है। उन्होंने बताया, पहले 85 फीसदी अंक वाले 20 हजार बच्चों को लैपटॉप दिए जाना थे। सरकार ने ७५ फीसदी वालों तक को लैपटॉप दिलाने से 50-60 हजार बच्चों को फायदा मिला। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए ६२ हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। निजी स्कूलों की फीस पर लगाम के लिए फीस रेगुलेशन एक्ट का राजपत्र में प्रकाशन हो गया है। अभी आपत्तियां मंगाई हैं। हमें 4 हजार बच्चों के आने की सूचना मिली थी। रिपोर्टिंग समय ११ बजे का दिया था। बच्चों के साथ बड़ी संख्या में पालक और टीचर भी आने से असुविधा हुई।

-जेके शर्मा, संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा विभाग

 

अभिषेक वर्मा
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