स्कूल को बनाया कोविड सेंटर, समाज के डॉक्टर ही दे रहे सेवा

मदद के हाथ : बोहरा समाज की पहल

By: रमेश वैद्य

Published: 17 May 2021, 03:06 AM IST

इंदौर. शहर में कोरोना संक्रमण के फैलाव के कारण बेड, ऑक्सीजन और दवाइयों की किल्लत है। मदद के लिए हर कोई अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में बोहरा समाज ने मिसाल पेश की है। समाज ने अपने स्कूल को कोविड सेंटर बनाया है यहां इलाज की सभी व्यवस्थाएं जुटाई गई है।
छत्रीबाग क्षेत्र में बोहरा समाज द्वारा संचालित स्कूल भवन को समाज ने कोविड केयर सेंटर में तब्दील किया है। २० अप्रैल से इसका संचालन शुरू किया गया। स्कूल भवन को अस्पताल की तर्ज पर तैयार किया गया है। २० बेड वाले इस सेंटर पर करीब ६ ऑक्सीजन बेड रखे गए हैं। समाज के ही १५ डॉक्टर यहां समय-समय पर परामर्श देने पहुंचते हैं। वहीं २ डॉक्टर २४ घंटे ड्यूटी देते हैं। समाज के बुरहानी गार्ड और सैफी एंबुलेंस को भी यहां तैनात किया गया है। मरीज के सेंटर में प्रवेश करते ही बुरहानी गार्ड व्यवस्था संभाल लेते हैं। स्क्रीनिंग और सैनेटाइजेशन आदि काम करते हैं। समाज की ओर से ही मरीज और उनके परिजन को दोनों समय का भोजन, ज्यूस और फ्रूट दिए जाते हैं। सेंटर से बोहरा समाज के लोग इलाज करवा रहे हैं इसके अलावा अन्य समाजजन के लिए भी यहां इलाज की व्यवस्था की गई है।


लोगों को फोन पर दे रहे नि:शुल्क कानूनी परामर्श
इंदौर. कोरोना संक्रमण काल में पिछले करीब आठ महीने में लॉ प्रोफेसर और वकील ने कानून के प्रति जागरूरकता के लिए विशेष अभियान चला रखा है। लोगों को कानून की बारीकियां, उसकी शक्तियां, अपराध पर मिलने वाली सजा सहित विभिन्न पहलुओं की मुफ्त जानकारी दे रहे हैं। सोशल मीडिया की ताकत को समझते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कानूनी जानकारी देने के लिए लॉ प्रोफेसर पंकज वाधवानी ने आठ महीने में अपने २५० वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किए हैं। हर दिन पांच से आठ मिनट का एक वीडियो अलग-अलग कानून को लेकर जारी किया जाता है। इंदौर, मध्यप्रदेश और भारत के अलावा अन्य देशों में वीडियो देखे जा रहा हैं। लोग वाधवानी से फोन पर निशुल्क कानूनी राय भी ले रहे हैं। वीडियो में रोजमर्रा में आने वाली कानूनी दिक्कतों एवं उनके समाधान की जानकारी शामिल होती है।
विवादों से जुड़े आते हैं फोन
वाधवानी ने बताया वे वसीयत ड्रॉफ्ट करते समय किन बातों का ख्याल रखें। मेडिक्लेम तथा इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने, खाली प्लॉट पर कोई व्यक्ति अवैधानिक कब्जा कर ले, पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं करें? ऐसी स्थिति में क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है, इसकी सलाह देते हैं। अलग-अलग राज्यों और शहरों से फोन कॉल आते हैं, जिस पर नि:शुल्क परामर्श दिया जाता है। उनके 8 महीनों में करीब 8000 से फॉलोअर्स हो चुके हैं।

कोरोना कफ्र्यू में स्ट्रीट डॉग्स की ले रहे सुध
इंदौर. आपदा के समय हर कोई मुसीबत में है। इस श्रेणी में इंसान के साथ ही जानवर भी शामिल है। स्ट्रीट डॉग्स की हालत सबसे खराब है, ऐसे में कई लोग उनकी मदद को भी आगे आए है। डॉग्स डिवाइन फाउंडेशन के सदस्यों ने गलियों में घूमने वाले श्वान की देख-रेख शुरू की है। संस्था के अभय कदम, भूमिका लश्करी, पृथ्वी राजपूत, वैभव झाला और शिखा वांग्ले डॉग्स के दोनों समय के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं। पूर्वी क्षेत्र एमआर ९, मालवीय नगर, विजयनगर, स्कीम १४० और निरंजनपुर के आसपास के करीब १५० डॉग्स के लिए ये युवा चावल, पेडी ग्रे, बिस्किट आदि लेकर पहुंचते हैं। अभय ने बताया कि अगर हमे कोई जख्मी डॉग्स दिखाइ पड़ता है तो हम उसका इलाज भी करवाते हैं। वैसे यह अभियान हमने ६ माह से चला रखा है, लेकिन कफ्र्यू को देखते हुए इस दायरा बढ़ा दिया है।

रमेश वैद्य Desk
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