मजिस्ट्रियल जांच शुरू- परिजन बोले-इतना बड़ा हादसा हो गया, डीपीएस ने सूचना तक नहीं दी

Arjun Richhariya | Publish: Jan, 14 2018 10:54:53 AM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 12:00:19 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

हम बच्चों का इंतजार ही कर रहे थे लेकिन स्कूल प्रबंधन ने हमें सूचना देना भी उचित नहीं समझा। लापरवाह स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

इंदौर. डीपीएस बस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच करने वाली अपर कलेक्टर रुचिका चौहान व एसडीएम शृंगार श्रीवास्तव के सामने बच्चों के परिजन ने कई आरोप लगाए। परिजन ने डीपीएस प्रबंधन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, इतना बड़ा एक्सीडेंट हो गया। हम बच्चों का इंतजार ही कर रहे थे लेकिन स्कूल प्रबंधन ने हमें सूचना देना भी उचित नहीं समझा। लापरवाह स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

परिजन के बयान दर्ज करेंगे

प्रशांत ने कहा, जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं आई तो स्कूल को फोन किया। एक नंबर पर बात हुई तो इतना बताया कि बस का एक्सीडेंट हो गया है, आप बांबे हॉस्पिटल पहुंचें। उन्होंने कहा, बच्ची को घर पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल की थी तो उन्होंंने दुर्घटना को लेकर हमें सूचना क्यों नहीं दी? स्कूल जब पूरी फीस लेता है तो फिर अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? डीपीएस से खातीवाला टैंक आने के लिए स्कूल बस को बायपास के उस ब्रिज पर जाने की जरूरत भी नहीं थी, जहां दुर्घटना हुई। बस को सर्विस रोड से आना चाहिए था। एक परिजन ने कहा, जब स्कूल का इंदौर से देवास के बीच परमिट था, तो स्कूल ने उसे खातीवाला टैंक में बच्चों को लाने ले जाने की जिम्मेदारी क्यों दी? अपर कलेक्टर चौहान के मुताबिक अभी दो परिवारों से बात की है। उनका डीपीएस प्रबंधन को लेकर आरोप है। एक-दो दिन में सभी के घर जाकर परिजन के बयान दर्ज करेंगे। अन्य संबंधितों के भी बयान होंगे।

लापरवाह प्रबंधन
इसके पहले अफसर हरप्रीत के घर पहुंचे और परिवार से करीब 25 मिनट बात की। हरप्रीत के चाचा सतपालसिंह के मुताबिक, अफसरों को बताया कि जब बस में खराबी की बात लगातार सामने आ रही थी, स्पीड गर्वनर खराब था, तो प्रबंधन ने सुधार क्यों नहीं किया? इसी नजरअंदाजी के चलते एक्सीडेंट हुआ, इसके लिए स्कूल प्रबंधन ही जिम्मेदार है। कलेक्टर ने सोमवार को सभी परिजन को बुलाया है।

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