मैग्निफिसंट मप्र से पहले सरकार को झेलना होगा लघु उद्योगपतियों का विरोध, आज होगा प्रदर्शन

मैग्निफिसंट मप्र से पहले सरकार को झेलना होगा लघु उद्योगपतियों का विरोध, आज होगा प्रदर्शन
मैग्निफिसंट मप्र से पहले सरकार को झेलना होगा लघु उद्योगपतियों का विरोध, आज होगा प्रदर्शन

Hussain Ali | Updated: 12 Oct 2019, 08:45:00 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

- सिंगल विंडो सिस्टम, संधारण शुल्क सहित अन्य मुद्दों को लेकर लघु उद्योग भारती के नेतृत्व में प्रदर्शन

 

विकास मिश्रा @ इंदौर. देश-विदेश की बड़ी कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए 18 अक्टूबर को होने वाले मैग्निफिसंट मप्र-2019 से पहले प्रदेश सरकार को लघु उद्योग संचालित करने वाले उद्योगपतियों का विरोध झेलना होगा। प्रदेश सरकार की नीतियों में बदलाव की मांग करते हुए लघु उद्योग भारती के नेतृत्व में शनिवार को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सुबह 11 बजे से रीगल तिराहे के करीब अप्सरा होटल में होने वाले इस प्रदर्शन में अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

must read : मैग्निफिसंट एमपी: उद्योगपतियों को एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक मिलेगी कड़ी सुरक्षा

प्रदेश सरकार की अव्यवहारिक नीतियों के कारण लघु उद्योग संचालित करने में आ रही परेशानियों को मुद्दा बनाकर इनमें बदलाव की मांग की जाएगी। पिछली सरकार ने करीब 8 साल तक आश्वासन दिया कि प्रदेश में उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू होगा, जो आज तक नहीं हो सका। उद्योगों से वसूले जाने वाले संधारण शुल्क में लगातार की जा रही वृद्धि को भी प्रदर्शन के दौरान मुद्दा बनाया जाएगा।

must read : खुशखबर : मध्यप्रदेश के युवा रहें तैयार, अलग-अलग क्षेत्रों में मिलेंगी हजारों नौकरियां

लघु उद्योगों को नहीं किया आमंत्रित

लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष महेश गुप्ता का कहना है, प्रदेश सरकार बाहर की कंपनियों को प्रदेश में निवेश कराने के लिए समिट करा रही है, लेकिन प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ कहे जाने वाले लघु उद्योगों को इसमें आमंत्रित ही नहीं किया गया। सरकार को लघु उद्योगों की परेशानी की कोई चिंता ही नहीं है।

इन मुद्दों को उठाएंगे

  • शासन द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को दी जा रही लीज की भूमि को बिना औद्योगिक प्रयोजन बदले फ्री होल्ड में परिवर्तित करना। जो वादा सरकार के चुनाव पूर्व घोषणा पत्र में भी था।
  • संधारण शुल्क, लीज रेंट एवं संपत्ति कर पर जो दोहरा कर देना पड़ रहा है उस नीति में परिवर्तन करना।
  • कारखानों में दुर्घटना होने पर पुलिस विभाग द्वारा जो धारा 304 लगाई जाती है उसके स्थान पर धारा
  • 304 ए लगाई जाए जिससे जांच पूरी करने पर कार्यवाही हो सके।
  • लघु एवं मध्यम उद्योगों को भी 10 करोड़ से बड़े उद्योगों के समान बिल्डिंग एवं भवन पर निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत 40 फीसदी की छूट दी जाए।
  • लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बैंक लोन लेने के उपरांत बंधक रखने पर शासन द्वारा लगाई जा रही स्टांप डयूटी को समाप्त किया जाना चाहिए।
  • जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के औद्योगिक क्षेत्रों में दिए गए पुराने शेडों के नक्शे पास करने की पात्रता दी जाए।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned