अंधविश्वास : पेड़ को छूने से रोका तो पुलिसकर्मियों पर कर दिया पथराव, छह घायल, सूचना केंद्र फूंका

महुआ पेड़ का सुनकर देवास के लोग भी पहुंचे थे, घायल जाम सिंह का इंदौर में चल रहा उपचार, 37 नामजद सहित 77 लोगों पर मामला दर्ज

पिपरिया (होशंगाबाद)/देवास. नयागांव कोड़ापडऱई एसटीआर क्षेत्र में अंधविश्वास के चलते महुआ पेड़़ के दर्शन को लेकर बुधवार को कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। एक श्रद्धालु के साथ हुई मारपीट के बाद बलवा हो गया। भीड़ ने पुलिस अधिकारी कर्मचारियो पथराव कर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस वाले अपनी जान बचाकर भागते नजर आए। एक दर्जन पुलिस अधिकारी-कर्मचारी इस हमले में गंभीर घायल हो गए उपद्रवियों ने पुलिस मोटरसाइकिल, सूचना केंद्र जलाकर कर खाक कर दिया।
जानकारी के अनुसार उग्र भीड़ पुलिस अमले पर पहले पथराव किया, जिससे बनखेड़ी टीआइ सिर में पत्थर लगने से गंभीर घायल हो गए। भीड़ ने इसके बाद पुलिस कर्मियो, नगर सैनिकों पर लाठियां भांजना शुरू कर दी। इससे पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भागते नजर आए। घटना के प्रत्यक्षदर्शी दरयाब सिंह ने बताया कि पुलिस से जब्त गाड़ी के कागजात मांगे, तो उसके दामाद जाम सिंह को पाइपों से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद दुकानदारों ने पुलिस पर लाठियो और पत्थरो से हमला कर दिया। घायल जाम सिंह का इंदौर में उपचार चल रहा है। महुआ पेड़ का सुनकर वे देवास के गांव बैरागढ़ से आए थे। वन विभाग ने महुआ पेड़ को एसटीआर में होने से लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित कर रखा है इसके बाद वहां भीड़ पहुंच रही है। करीब ४५ दिनों से पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग आने वाली भीड़ को सिर्फ सुरक्षा मुहैया करा रही है। महुआ पेड़ दर्शन के लिए वन विभाग, पुलिस ने बैरीकेटस लगाकर कतार बनवाई इनका आगमन बंद करने कई जतन किए गए, लेकिन भीड़ का आवागमन थम नहीं रहा है। स्टेशन रोड टीआई एसके अंधमान ने बताया मामले में ३७ नामजद आरोपी ४० अन्य आरोपी बनाए गए है।
हमले में ये हुए घायल
भीड़ के हमले में टीआइ बनखेड़ी शंकरलाल झारिया,एसआई प्रवीण मालवीय, आरक्षक रोहित ,अभिषेक नरवारिया, ज्योति शर्मा सैनिक महेश मांझी, मूक-बधिर ज्योति साहू जो पुलिस में नहीं, लेकिन पुलिस की मदद करती है। आरक्षक रोहित को १६ टांके आए है। आरक्षकों ने बताया कि लाठियों से बुरी तरह घेर कर भीड़ ने पीटा है। इसके अलावा अन्य कर्मी भी भीड़ के हमले में घायल हुए है।
हमने यहां भीड़ को नियंंत्रित करने पुलिस फोर्स लगाया था। कानून हाथ में लेकर हिंसा की गई है। हमलावर और उन्हें प्रेरित करने वाले चिह्नित किए जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई होगी। एमएल छारी,
पुलिस अधीक्षक
एसटीआर का प्रतिबंधित क्षेत्र है। धारा १४४ हटा ली गई है। अपराध करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।
-केडी त्रिपाठी,अपर कलेक्टर

रमेश वैद्य
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