स्वाइन फ्लू के कहर के बीच जूडा का काम बंद

स्वाइन फ्लू सहित अन्य वायरल बीमारियों के कहर के बीच एमवायएच के जूनियर डॉक्टर सुरक्षा की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए।

इंदौर. स्वाइन फ्लू सहित अन्य वायरल बीमारियों के कहर के बीच एमवायएच के जूनियर डॉक्टर सुरक्षा की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश पर चले गए। hospital में शनिवार को मरीज के परिजन और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद रविवार सुबह जूडा पदाधिकारियों व hospital प्रशासन के बीच बैठक में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने पर बैठक हुई। मरीज के परिजन को एक ही द्वार से प्रवेश, गार्ड बढ़ाने सहित अन्य कदम तीन दिन में उठाने का आश्वासन देने पर जूनियर डॉक्टर रविवार दोपहर काम पर लौटे, लेकिन शाम को फिर तीन महिला जूनियर डॉक्टरों से अभद्रता की घटना सामने आई तो जूडा ने सामूहिक छुट्टी की घोषणा कर काम बंद कर दिया।

अधीक्षक कार्यालय में जूडा पदाधिकारियों की डीन डॉ. शरद थोरा, अधीक्षक डॉ. वीएस पाल सहित सभी विभागाध्यक्ष के साथ दो घंटे तक चर्चा के बाद जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे। लेकिन शाम 5.30 बजे जनरल सर्जरी विभाग के ड्यूटी रुम में तीन अटेंडर घुस गए और इलाज को लेकर हंगामा किया। वहां मौजूद दो जूनियर लेडी डॉक्टर ने अभद्रता करने का आरोप लगाया। इसके बाद एस्मा के डर से जूडा एसोसिएशन में मॉस केज्युल लिव की घोषणा कर दी।

यूं चला घटनाक्रम
सर्जरी विभाग के वार्ड में जूनियर डॉक्टर रंजीत अहिरवार और सौम्य अग्रवाल से शनिवार दोपहर महादेव तोतला नगर के मरीज के अटेंडर मोहन यादव, संगीता और रवि का विवाद हुआ। वे मरीज को छुट्टी देने का कह रहे थे, कंसल्टेंट डॉक्टर नहीं होने पर विवाद बढ़ा तो दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मामला थाने पहुंचा तो समझौता हो गया। जानकारी जूडा एसोसिएशन को नहीं दी। आरोप है, समझौते के बाद परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों को गोली मारने की धमकी दी। रात मेंं परिजन दोबारा वार्ड में आए और नर्सिंग स्टॉफ को धमकाया। जूडा तक मामला पहुंचा तो रात को प्रबंधन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।

जूडा की बात सुनने के साथ व्यवस्था के लिए कमेटी बनाई है। डॉ. सुनील नारंग की अध्यक्षता में पांच डॉक्टर व्यवस्था संभालेंगे।
- डॉ. वीएस पाल, अधीक्षक

hospital में 58 सुरक्षाकर्मी है, इंचार्ज को सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए हैं। शहर में बीमारियों का दौर जारी है, हड़ताल की जाती है तो प्रशासन की कार्रवाई में प्रबंधन हस्तक्षेप नहीं करेगा।
- डॉ. शरद थोरा, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज

सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है। ऐसी व्यवस्था में कैसे करेेंं।
- डॉ. अनिवाश पटवारी, प्रवक्ता जूडा

अर्जुन रिछारिया Incharge
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