कम उम्र में ही तीन रिश्तेदारों से सेक्सुअल एब्यूज का सामना किया, शर्म के कारण लोगों से छिपाया, खुशकिस्मत रही कि मैं संभल सकी

Indore News : 57 सालों से मेंटल इलनेस के लिए काम कर रही अन्ना चांडी ने बैटल्स इन माइंड प्रोग्राम में बताए डिप्रेशन से उबरने के तरीके, कहा- तनाव में उनसे बात करें जो जज करने के बजाए आपकी सुनें

इंदौर. मैं पिछले 57 सालों से मेंटल इलनेस के लिए काम कर रही हूं और इस सफर में मैंने जाना कि किन ताकतों की वजह से मैं आज ऐसी हूं। मैंने महसूस किया कि एक डिस्फंक्शनल फैमिली का प्रभाव बच्चे के मानसिक विकास पर कितना बुरा पड़ता है। वह डिप्रेशन में जा सकता है और उसका पूरा भविष्य खराब हो सकता है। आज अधिकतर लोग अपनी उलझनों में इतना फंसे रहते हैं कि बच्चे की समस्याओं को समझ ही नहीं पाते। मैं एक ऐसे ही परिवार में पली-बढ़ी हूं। बहुत कम उम्र में ही मैंने तीन रिश्तेदारों से सेक्सुअल एब्यूज का सामना किया। मैंने जिंदगी में शर्म की वजह से लोगों से यह छिपाया और यह मेरे तनाव का कारण बनता गया। इसने मेरे जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। मैं खुशकिस्मत थी कि खुद को संभाल सकी। मेरे जैसा खुशकिस्मत हर इंसान नहीं होता।
यह बात मेन्टल हेल्थ काउंसलर अन्ना चांडी ने फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (फ्लो) इंदौर चैप्टर की ओर से होटल वॉव में आयोजित कार्यक्रम बेटल्स इन माइंड विषय पर बात करते हुए कही। वे बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को भी डिप्रेशन से निकलने में मदद कर चुकी हैं। अन्ना ने कहा अगर आप डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं तो सबसे पहले खुद से यह कहें कि मेरे साथ ऐसा हुआ है। इसे छिपाएं नहीं और इसके साथ कैसे आगे बढ़ा जा सकता है, इस पर काम करें। ये बात स्वीकारें कि गलतियां हर इंसान से होती हैं इसमें छिपाने या शर्म महसूस करने जैसा कुछ भी नहीं होता है।
ये हैं डिप्रेशन के सबसे बड़े कारण
डिप्रेशन के सबसे बड़े कारण हैं परिवार के किसी सदस्य का बीमार होना, सेपरशन, वायलेंस, एब्यूज, जेंडर इन इक्विलिटी। ये सभी आम समस्याएं हैं और इनसे उभरा जा सकता है। किसी अपने को बीमार या तकलीफ में देखकर सभी को समस्या होती है। ऐसे में केयर टेकर को भी मेंटल सपोर्ट की जरूरत होती है। ये बात समझने की जरूरत है। इसके अलावा किसी ऐसे इंसान से सेपरशन होना जो आपके बेहद करीब हो शॉक देता है। ये स्वीकार करना मुश्किल होता है, ऐसे में नए दोस्त बनाएं और उनसे बातें शेयर करें।
डिप्रेशन से ऐसे बाहर निकलें
अगर आप बेहद परेशान हैं तो ऐसे व्यक्ति से बात करें जिससे बात करने में कोई गिल्ट या शर्म आपको महसूस नहीं होती है। ऐसा करके आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं। अगर बच्चा बार-बार पेट दर्द जैसे कोई बहाने बनता है और किसी जगह जाने से डरता है या किसी तरह का ईटिंग डिसऑर्डर देखने को मिले तो ये डिप्रेशन हो सकता है।
मेंटल इलनेस के साइन
- खुदको बेहद थका हुआ महसूस करते हैं।
- आपको लगता है आप बीमार हैं।
- हेडेक की समस्या।
- बॉडी पेन।
- बहुत ज्यादा नींद आना या नींद ही नहीं आना।
- बिहेवियर में बदलाव आना।
- वजन का बढऩा या कम होना।
डिप्रेशन वाले लोगों में दिखते हैं ये चेंज
- किसी भी काम पर फोकस नहीं कर पाना।
- लगातार खुद को गिल्टी फील करना।
- हमेशा दु:खी रहना।
- हर काम को लेकर कॉन्फिडेंस की कमी महसूस करना।
- खुद को असहाय महसूस करना।
- यह सोच रखना कि लोग मेरे बिना ज्यादा खुश और बेहतर जीवन जी सकते हैं। यह सुसाइड की तरफ भी इशारा करता है।
सलाह
तनाव में हैं तो अपनी परेशानी अपने किसी दोस्त या फैमिली मेंबर से जरूर शेयर करें। ऐसे व्यक्ति से बात करें जो आपकी गलती पर भी आपको जज ना करे, सिर्फ आपकी परेशानी सुने।

राजेश मिश्रा
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