बच्चो का खाना छीन रही सरकार मिड डे मील स्कीम में नहीं मिलेगा स्वादिष्ट खाना

बच्चों को गेहूं के आटे और पानी के मिश्रण का नास्ता बच्चों को खिलाने का गुजरात सरकार का फैसला

दाहोद. प्राथमिक स्कूल में पढ़ते वाले बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन में गुड़ का तेल नास्ता देना का निश्चय किया गया था। अब साप्ताहिक मीनू से सरकार ने 300 ग्राम चावल के बजाय केवल 100 ग्राम चावल देने का निर्णय लिया है। जो बच्चों के लिए एक मजाक बन गया है।
जिले के 1649 प्राथमिक विध्यालयो में अनुमानित 3 लाख 48 हजार 593 बच्चे पढ़ रहे हैं। गुजरात राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने बच्चों को पोषण आहार प्रदान करने के लिए स्कूल में भोजन और स्नैक्स प्रदान करने का कार्य कर रहा था, सरकार ने सुखड़ी से गुड़ तेलों को बंद करने का निर्णय लिया है और बच्चों को गेहूं के आटे और पानी के मिश्रण का नास्ता बच्चों को खिलाने का फैसला किया है। थूली, कंसार, सब्जी एवं बच्चों के पसंदीदा दाल-चावल का डिश भी बंद कर दिया गया है। बच्चों को सप्ताहांत मीनू में हर दिन 50 ग्राम चावल दिए गए थे। इसलिएए 300 ग्राम चावल के बजाय यह केवल दो दिनों में 50-50 ग्राम चावल यानी प्रति सप्ताह 100 ग्राम चावल की घोषणा करने के लिए निराशाजनक है। प्रत्येक शुक्रवार को बच्चों को मिलती खिचड़ी एवं फलावर की सब्जी को बंद करके खिलाने का बंद करके मात्र पुलाव खिलाया जाएगा। इस वजह से बच्चों को दोपहर के भोजन और स्नैक्स न मिलने पर में निराश हो रहे हैं।

मसाले मुक्त बनेगी चीजें
मिड डे मील स्कीम के तहतए छह दिनों में किए गए सभी व्यंजन में मसाले हटा दिए गए हैं। तो अब बच्चों के भोजन के ब्रेक फास्ट स्नैेक्स में कोई स्वाद नहीं रहेगा है। मिड डे मील स्कीम स्पष्ट रूप से दिखावा बन गई है।

प्रबंधक और शेफ का वेतन एक समान
मिड डे मील स्कीम में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक केवल 1600 रुपए कर्मचारी के लिए और शेफ के लिए 1400 रु है। जबकि सहायक शेफ में 50 से कम बच्चे हैं। मासिक दर पर केवल 500 रुपए का भुगतान किया जाता है। जो वर्तमान युग में हास्यास्पद माना जाता है।

अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned