‘कोई तो ऐसा दिन होगा, जब मध्याह्न भोजन ठीक नहीं बना हो’

खाद्य आयोग अध्यक्ष ने दतोदा के मावि में भोजन व्यवस्था का तीन घंटे किया निरीक्षण

डॉ. आंबेडकरनगर(महू). जोशी गुराडिय़ा व दतोदा में खाद्य आयोग अध्यक्ष राजकिशोर स्वाई ने शुक्रवार को आंगनवाड़ी केंद्र, मध्याह्न भोजन व पीडीएस दुकानों का करीब तीन घंटे तक निरीक्षण किया। दतोदा के कन्या मावि में मध्याह्न भोजन का रोस्टर देखा, जिसमें हर दिन भोजन के बारे में अच्छा व बहुत अच्छा लिखा, तो उन्होंने कहा, कोई तो ऐसा दिन होगा, जिस दिन भोजन ठीक न बना हो, मैं मान ही नहीं सकता कि हर दिन भोजन अच्छा बना हो। घर में भी ऐसा नहीं होता।
उन्होंने कहा, यदि भोजन बेहतर बना रहा तो अच्छी बात है, लेकिन जो वास्तविकता उसे सामने रखें। यहां उन्होंने बच्चों से पूछा कि भोजन कैसा बनता है, कल क्या बना था, कितनी रोटी मिलती है, भूख ज्यादा लगे तो और रोटी व सब्जी परोसी जाती है या नहीं। जिस पर बच्चों ने कहा, भर पेट भोजन मिलता है। रसोई घर देखा, रसोई बनाने वालों से बात की। जहां कोई खामी नजर नहीं आई। इससे पहले दतोदा के आंगनवाड़ी केंद्र का मुआयना किया। यहां मौजूद महिलाएं व बच्चों से कई सवाल किए कि सभी सुविधाओं का लाभ मिल रहा या नहीं आदि।
ग्रोथ रजिस्टर, वजन रजिस्टर सहित तमाम रिकॉर्ड जांचे। यहां मौजूद सेव-परमल, मूंगफली सहित नाश्ता व अन्य की गुणवत्ता जांची, और उससे संतुष्ट हुए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से पूछा कि भोजन कितने बजे देते हो आदि। उन्होंने अफसरों के बजाए महिलाओं, बच्चों व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लंबी चर्चा की, जिसके बाद उचित मूल्य दुकान पर पहुंचे। जहां १०-१५ लोग राशन लेने के लिए मौजूद रहे, जिनसे चर्चा की कि दुकान कितने बजे खुलती है, कितना गेंहू, चावल व केरोसिन मिलता है व कितना दाम लिया जाता है, पर्ची दी जाती है या नहीं। हालांकि किसी ने कोई दिक्कत नहीं बताई। दुकान का स्टॉक रजिस्टर भी जांचा।
तुम हितग्राहियों को बुलाकर रखो, मैं आंगनवाड़ी का निरीक्षण करके आता हूं : जोशीगुराडिय़ा में वे पहले पीडीएस दुकान पहुंचे, जहां कोई खरीदार नहीं था, तो सेल्समैन से कहा हितग्राहियों को बुलाकर लाओ, मैं आंगनवाड़ी का निरीक्षण कर आता हूं। आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ताओं से बारीकी से हर व्यवस्था के बारे में सवाल किए। बच्चों के साथ मौजूद महिलाओं से भी फीडबैक लिया, जिसमें कोई भी अव्यवस्था नहीं मिली। यहां शासकीय स्कूल में मध्याह्न भोजन व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। रसोई बनाने वाली महिला को महज एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलने की बात सामने आने पर उन्होंने कहा, इस संबंध में शासन स्तर पर ज्यादा राशि दिलाने के लिए चर्चा करूंगा। उधर, पीडीएस दुकान पर आए लोगों से भी कई सवाल कर जानकारी ली। इस दौरान उनके साथ एसडीएम प्रतुल सिन्हा सहित खाद्य विभाग व महिला बाल विकास विभाग के आला अफसर मौजूद रहे। एसडीएम प्रतुल सिन्हा ने बताया, वे यहां व्यवस्थाएं देखकर खुश हुए।

1634 अपात्रों के नाम काटे
पीडीएस दुकान पर बीपीएल हितग्राहियों के नाम अधिक होने पर हैरानी जताई और जांच कर अपात्रों के नाम सूची से काटने की बात कही। जिस पर एसडीएम ने कहा तहसील क्षेत्र में हमने करीब १६३४ अपात्रों के नाम काटे हैं।

Mid-day meal scheme

ये सुझाव भी दिए
राशन दुकान पर सेल्समैन निर्धारित यूनिफॉर्म में हो।
बीपीएल व अंत्योदय कार्डधारियों की सूची बड़े अक्षर में दुकान पर चस्पा कराई जाएं।
जब भी दुकान पर सामग्री आए तो निगरानी समिति अध्यक्ष को मोबाइल पर मैसेज भेजा जाए और वे आकर निरीक्षण करें।
गांव में कोई बेसहारा हो तो उसे भी मध्याह्न भोजन के दौरान भोजन कराया जाए और रोस्टर में इसके लिए अतिरिक्त कॉलम जोड़ा जाएं।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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