खुद को आर्मी का जवान बताने वाला ठग अब व्यापारी को बना रहा निशाना

नमकीन पेकिंग मशीन आर्डर के बाद मोबाइल एेप पर रिक्वेस्ट भेज ठगे २० हजार, थाने में मदद की जगह उलटे पैर लौटाया

 

By: Krishnapal Singh

Published: 28 May 2019, 07:04 AM IST

गार्डन बुक करने के नाम युवक से ठगी करने वाले बदमाश का एक और कारनामा सामने आया है। वह किसी से भी बातचीत करता है तो खुद को आर्मी का जवान बताता है। फिर विश्वास अर्जित कर हजारों रुपए मोबाइल पेमेंट एेप पर ठग लेता है। कुछ दिन पूर्व ठग ने इसी तरह शहर के एक व्यापारी को अपना निशाना बनाया। उसने मशीन बुक करने के बाद मोबाइल एेप के माध्यम से पेमेंट भेजने की बात कही। फिर धोखे से व्यापारी के खाते पर पेंमेंट रिक्वेस्ट भेज उनके खाते से हजारों रुपए उड़ा दिए।

मालवा मिल रहने वाले मशीन ट्रेडिंग व्यापारी दीपेश जैन ने 15 मई को परदेशीपुरा थाने पहुंच खुद के साथ हुई ठगी की शिकायत की थी। आरोप है अब तक थाना पुलिस ने उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं की। अब १२ दिन बाद उन्होंने खुद के साथ हुई ठगी जैसी घटना के बारे में सुना तो उनसे रहा नहीं गया। पत्रिका से चर्चा में उन्होंने बताया संभवत: ठग ने उनकी कंपनी का नंबर इंटरनेट स्थित ट्रेङ्क्षडग वेबसाइट व जस्ट डॉयल से प्राप्त किया है। उसने फोन पर उन्हें आर्मी का जवान बताया। विश्वास दिलाने के लिए उसने वाट्सएेप नंबर से खुद के आर्मी की ड्रेस पहने फोटो व आईडी भेजी। विश्वास अर्जित करने के बाद उसने २.८० लाख की नमकीन पेकिंग मशीन बुक की। जैन ने फोन पर बातचीत में एक लाख टोकन अमाउंट खाते में जमा कराने की बात कही। ठग ने खुद को आर्मी का बता खाते में रुपए जमा नहीं करते हुए टुकड़े में फोन पे एेप से रुपए भेजने की बात कही। जब जैन दोपहिया वाहन चला रहे थे तब ठग ने उन्हें फोन किया। कहा कि मैने आपको २० हजार रुपए की रिक्वेस्ट भेजी है। आप उसे प्रोसिड टू पे कर दो। बगैर कुछ सोचे समझे उन्होंने ऑपशन दबा दिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके खाते से २० हजार उड़ गए। ठग ने तत्काल जैन को फोन किया और कहा कि आपको रुपए भेजे है मिल गए। तब व्यापारी ने उन्हें खाते से रुपए कटने की बात कही। शातिर ठग ने उनके खाते से रुपए जानने के लिए कहा कि हां तो आपको खाते में कितने रुपए है जो कम हो गए। इस पर जैन ने खाते में लाखों रुपए होने की बात कह डाली। वे ठग की मंशा समझ गए। इस दौरान फिर ठग ने उनके मोबाइल एेप पर ४० हजार की रिक्वेस्ट भेज दी।

थाना पुलिस ने नहीं दिखाई रूचि

खुद के साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करने वे परदेशीपुरा थाने पहुंचे। उनका आरोप है की शिकायत सुनने के लिए कोई नहीं मिला। वे एक महिला एसआई के पास पहुंचे तो वह भी किसी ओर से फोन पर देर तक बात करती रही। कई बार उन्होंने बात रखना चाहिए तो एसआई ने उन्हें इशारे में बैठने को कहा। करीब आधे घंटे निकल जाने के बाद उल्टा एसआई व मौजूदा स्टाफ ने उन्हें सुना दी की एेसे कैसे तुम्हारे साथ ठगी हो गई कह कई बात सुना दी। बमुश्किल उनसे शिकायती आवेदन लिया गया। एक प्रति पर थाने की सील लगाकर उन्हें दे दी गई। वहीं स्टाफ के कहने पर उन्होंने दूसरी प्रति बॉक्स में डाल दी। आरोप है इतने दिन बीत जाने के बाद अब तक उन्हें घटना के संबंध में थाने से किसी का फोन नहीं आया। पुलिस को इस गंभीर घटना के संबंध में जांच करना चाहिए, ताकि समय रहते अन्य व्यापारी व लोग ठगोरे के चक्कर में न पड़े।

जांच करवाएेंगे

इस मामले की जानकारी नहीं है। शिकायत का पता करवाकर जांच करवाएेंगे।
सुधीर अरजरिया, टीआई परदेशीपुरा

Krishnapal Singh
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