भाजपा के बाबा का चुनावी अदालत में दावा, सबसे ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया


प्रदेश में सबसे ज्यादा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया, जारी रहेगा यह अभियान

By: लवीं ओव्हल

Published: 15 Nov 2018, 04:16 AM IST

 

- मंत्री रहते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में 93 करोड़ के काम कराएं जो लोगों के काम आए।

- क्षेत्र के लिए 25 पानी की टंकियां मंजूर हुई है जिनके बनने से जल संकट पूरी तरह दूर होगा।

- समाजों का ध्यान रखा। कई इलाकों में समाजों के लिए धर्मशालाएं बनाई जिसमें सभी आयोजन होते है।

इंदौर. बाबा के नाम से मशहूर महेंद्र हार्डियां चौथी बार भाजपा से विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 के उम्मीदवार है। पत्रिका की चुनावी अदालत में लोगों के सवालों के जवाब में महेंद्र हार्डिया का दावा है कि उन्होंने क्षेत्र में काफी विकास कार्य किए है। प्रदेश सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ उनके इलाके के लोगों ने उठाया और चुनाव जीते तो लाभ दिलाने का अभियान जारी रहेगा।
सवाल: आपके इलाके में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है, इससे निपटने के लिए कोई प्रयास नहीं हुए?

जवाब: ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए रिंग रोड पर फ्लाय ओवर बनाने की योजना पर काम किया। लगातार प्रयास थे कि वहां पर फ्लाय ओवर मंजूर हुए और उसका काम भी शुरू हो गया। ब्रिज बनने के साथ ही इलाके के लोगों को ट्रैफिक की परेशानी से राहत मिल जाएगी।

सवाल: आप स्वास्थ्य मंत्री रही लेकिन इलाके में स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं बढ़ी?
जवाब: ऐसा नहीं है, स्वास्थ्य मंत्री रहते 2011 से 2013 के बीच मैंने कई काम करवाए। महिला चिकित्सालय की 22 करोड़ की योजना के अलावा मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का विस्तार, पीसी सेठी अस्पताल का शिलान्यास, मांगीलाल चूरिया अस्पताल के उन्नयन जैसे कई काम शुरू हुए है। करीब 93 करोड़ के नाम काम किए गए जिसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है।

सवाल: आपने तुलसीनगर वैध करने की बात कहीं लेकिन पूरी नहीं हुई? मयूर नगर को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाए?

जवाब: तुलसी नगर को वैध करने की प्रक्रिया चल रही है। मैंने लोगों से तीन दिन में एनओसी मिलने की बात कहीं तो जो मिल भी गई। एक एनओसी रुकी हुई है। नगर निगम 101 कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए काम कर रहा है जिसमें तुलसीनगर के साथ ही मयूर नगर भी शामिल है। मयूर नगर की तो अधिकांंश एनओसी मिल भी गई है और जल्द ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

सवाल: समाजों को जमीन दिलाने में भेदभाव हुआ? जहां धर्मशाला बनी वहां लोगों ने कब्जे कर लिए।
जवाब: इलाके में समाज की धर्मशाला के लिए जमीन दिलाने के साथ ही उनके निर्माण के लिए धनराशि भी स्वीकृत की। किसी तरह का भेदभाव नहीं किया है। मेरे इलाके में अधिकांश बस्तियां है जहां लोगों के घरों में बैठने तक की जगह नहीं थी। धर्मशाला बनने के बाद इन्हें आयोजन करने व मेहमान बुलाने में तो परेशानी नहीं होती है। भेदभाव जैसी कोई बात नहीं है, सभी समाजों के लिए काम किया है।

सवाल: त्यौहार के पहले मकान तोड़े जाते है, गरीबों के ठेले तोड़े जाते है, इस तरह की कार्रवाई क्यों नहीं रोकी जाती?

जवाब: मैैंने जनता के मामले में सत्तारुढ़ दल का प्रतिनिधि होने के बाद भी विरोध किया है। एमआईजी में जब मकान तोडऩे के नोटिस दिए गए तो वहां कोई विपक्ष का व्यक्ति नहीं आया, मैं वहां विरोध करने पहुंचा था। गरीबों के लिए सबसे ज्यादा काम किए। शासन की योजनाओं का सबसे ज्यादा प्रदेश में मेरे विधानसभा के लोगों को लाभ मिला है जो सरकारी रिकार्ड में भी दर्ज है।

सवाल: मयूर नगर-विराट नगर में लोगों को पानी नहीं मिल रहा लेकिन बिल जरूर आ रहे है, इसे लेकर कुछ नहीं किया?
जवाब: बस्तियों में पानी पहुंचाने का काम किया है। करीब 25 पानी की टंकी स्वीकृत हुई है। मयूर नगर में भी पानी की टंकी बन रही है जिससे जल्द ही लोगों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा। जहां तक बिल की बात है तो वह तो बाद में एडजस्ट हो जाता है, उसमें परेशानी की बात नहीं है।

 

लवीं ओव्हल
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