किसी को चुनाव के बाद पद, तो किसी को सरकार में भूमिका पर माने कांग्रेस के बागी


किसी को चुनाव के बाद पद, तो किसी को सरकार में अहम भूमिका के आश्वासन पर माने कांग्रेस के बागी

By: लवीं ओव्हल

Published: 15 Nov 2018, 04:16 AM IST

 

इंदौर.
इंदौर में खड़े हुए कांग्रेस के चारों बागी उम्मीदवारों को नामांकन के आखिरी दिन मना लिया गया। कांग्रेस के चारों बागी उम्मीदवारों को मनाने के लिए पार्टी ने न उनका सम्मान बरकरार रखने की बात कही है, साथ ही उन्हें सरकार बनते ही उसमें अहम जिम्मेदारी देने का भी आश्वासन दिया है।

ऐसे माने
प्रीति अग्निहोत्री - इंदौर-1 से टिकट मिलने के बाद बदले जाने से नाराज, बागी होकर नामांकन दाखिल करने वाली अग्निहोत्री ने इसे महिलाओं का अपमान बताया था, लेकिन कांग्रेस महासचिव दीपक बावरिया के मनाने और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ से बात करने के बाद वे मान गए थे। बावरिया ने उन्हें शहर अध्यक्ष बनाने का आश्वासन दिया था। जिसे उन्होने इंकार कर दिया था। बताया जा रहा है कि कमलनाथ ने उन्हें सरकार बनने पर उनका सम्मान रखते हुए पद देने के साथ ही उनके समर्थकों को भी संगठन में पद दिए जाने का का आश्वासन दिया है।

कमलेश खंडेलवाल - इंदौर-1 से दूसरी बार टिकट काटे जाने से नाराज खंडेलवाल बुधवार सुबह तक चुनाव लडऩे की बात कर रहे थे। कांग्रेस महासचिव दिग्विजयसिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी उनसे लगातार संपंर्क में थे। दोनों ने ही उनसे बात की थी। उनके सम्मान को लेकर दोनों ही नेताओं के आश्वासन के साथ ही दोपहर में कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला से कलेक्टर कार्यालय में शहर कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष विनय बाकलीवाल की उपस्थिति में खंडेलवाल ने मुलाकात की थी। इस मुलाकात में खंडेलवाल ने जहां अपने समर्थकों की सुरक्षा और सम्मान की बात की थी, वहीं उन्होने आगे से शुक्ला के साथ की भी बात कही थी। जिसे शुक्ला ने सहर्ष स्वीकार कर लिया था। इसके बाद दिग्विजयसिंह से बात करने के बाद खंडेलवाल ने हामी भर दी थी। सिंह ने भी उन्हें पार्टी में पद देने का आश्वासन दिया है।
मोतीसिंह पटेल - कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने खुद आगे होकर पटेल को मिलने के लिए बुलाया था। भोपाल में हुई इस मुलाकात में कांग्रेस उम्मीदवार विशाल पटेल द्वारा उचित सम्मान दिए जाने के साथ ही भविष्य में पार्टी के द्वारा उनका ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया था। नाथ ने उन्हें कहा था कि सरकार बनते ही वे खुद उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाएंगे। जिसके बाद वे माने।

छोटे यादव - कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बावरिया रविवार को उन्हें मनाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होने पार्टी में उचित सम्मान की बात के साथ ही नगर निगम चुनावों के दौरान उनके और उनके समर्थकों का ध्यान रखने का आश्वासन दिया गया था। जिसके बाद यादव मान गए थे।
जिसने की थी पैरवी वे ही संमझाते रहे

कांग्रेस ने बागियों को समझाने के लिए इस बार अलग रणनीति पर काम किया था। कांग्रेस ने अपने बागियों को समझाने की जिम्मेदारी उन्हीं नेताओं को सौंपी थी जो टिकट वितरण के समय उन्हें टिकट देने की पैरवी कर रहे थे। बावरिया ने प्रीति अग्निहोत्री और छोटे यादव की पैरवी की थी, उन्हें ही दोनों को समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। जबकि नाथ देपालपुर में मोतीसिंह पटेल को टिकट दिए जाने की वकालत कर रहे थे, उन्हें ही पटेल को समझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी तरह से सिंह और जोशी ने एक नंबर में कमलेश को जीतने वाला प्रत्याशी बताते हुए उन्हें टिकट देने के लिए नाम रखा था। जिसके चलते खंडेलवाल की जिम्मेदारी इन दोनों ही नेताओं को सौंपी गई थी।
0 सभी कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं, कांग्रेस की रीति-नीति में विश्वास रखते हैं। हमने सभीको समझाया था। सभी को पार्टी की गाइडलाइन की भी बात रखी थी। साथ ही जरूरत पडऩे पर बड़े नेताओं से बात भी कराई थी। वहीं जिनको कुछ संशय था तो प्रत्याशियों से भी उनकी बात करवाकर उनका संशय दूर कर बागियों को मना लिया गया।

- विनय बाकलीवाल, शहर कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष

लवीं ओव्हल
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