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MP News: इंतजार में अब नहीं जाएगी जान, गंभीर मरीजों को सबसे पहले अंगदान के लिए शुरू हुई नई सुविधा

MP News: जरूरतमंद पेशेंट को अंग पहुंचाने के लिए बनाई गई सुपर अर्जेंट कैटेगरी, जिसको सबसे ज्यादा जरूरत उसे अंगदान सबसे पहले

इंदौरJun 08, 2024 / 02:02 pm

Sanjana Kumar

MP News
MP News: अंगदान को लेकर शहर में जागरुकता बढ़ी है। यही कारण है कि ब्रेन डेड होने पर समितियों के माध्यम से परिवार से चर्चा कर आर्गन डोनेशन कराया जा रहा है ताकि किसी को नया जीवन मिल सके। हालांकि, ब्रेन डेड घोषित होने व अंगदान करने वालों की संया में बहुत अंतर है। अब तक अंगदान के लिए सूची बनाई जाती थी और उसके आधार पर मरीजों को अंग उपलब्ध होते थे।
जरूरतमंद लोगों को देखते हुए अब स्टेट आर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (सोट्टो) ने गंभीर मरीजों के लिए सुपर अर्जेंट कैटेगरी बनाई है। इसमें यदि किसी मरीज की हालत गंभीर है और उसे अंग की आवश्यकता है तो सूची में शामिल नाम के पहले उस मरीज तक अंग पहुंचा दिया जाएगा। इससे बड़ी संया में अंग न मिलने के कारण पीड़ित मरीजों की जान बचाई जा सकती है। इसमें प्रदेशभर के गंभीर मरीजों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें वे मरीज भी शामिल हैं, जो लिवर और किडनी की गंभीर अवस्था में पहुंच गए हैं।
इसके लिए किडनी, लिवर के साथ ही अलग-अलग कैटेगरी के पैरामीटर भी तय किए गए हैं। बता दें, इसके चलते कैटेगरी में शामिल कई मरीजों को अंग पहले पहुंचाकर उन्हें नया जीवन दिया गया है। अंगदान को लेकर लोगों में जागरुकता की कमी है। जिस अनुसार अंगदान होने चाहिए, उसकी संया कम है। अभी कई लोग इंतजार कर रहे हैं कि कोई उन्हें अंग देकर नया जीवन दे सके। इंदौर में कई संगठन अंगदान को लेकर जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं।
दान किए जा सकने वाले अंगों में कार्निया, हृदय के वाल्व, हड्डी, त्वचा जैसे ऊतकों को प्राकृतिक मृत्यु के बाद दान किया जा सकता है। हृदय, लिवर, किडनी और अग्नाशय जैसे अन्य महत्वपूर्ण अंगों को केवल ब्रेनडेड के मामले में ही दान किया जा सकता है।

2015 से लेकर 2024 तक प्रदेश में अंगदान की स्थिति

  • लाइव लिवर -32
  • केडेवर किडनी -103
  • केडेवर लिवर -54
  • केडेवर हार्ट – 18
  • केडेवर लंग्स – 02
  • 01 केडेवर हैंड

इंदौर की स्थिति

12 महीने में शहर के 10 अस्पतालों में हुए किडनी ट्रांसप्लांट

  • 12500 से अधिक नेत्रदान
  • 760 से अधिक त्वचा दान
  • 300 से अधिक देहदान
  • 56 बार बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर

इंदौर से होता है 80% अंगदान

प्रदेश में कुल अंगदान में से 80 प्रतिशत अंगदान इंदौर में ही होते हैं। इस वजह से कई मरीजों को नई जिंदगी मिली है। दरअसल, ब्रेनडेड मरीजों के अंगों को दान में लेकर उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए सबसे अधिक ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए गए हैं। इंदौर में कुल 10 अस्पताल हैं, जिन्हें अंगदान के लिए अनुमति मिली है।

इनका कहना है

सोट्टो ने गंभीर मरीजों तक अंग पहले पहुंचे, जिसके लिए सुपर अर्जेंट कैटेगरी बनाई है ताकि मरीजों को समय पर अंग मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके। अंगदान को लेकर जागरुकता की आवश्यकता है। अंगदान के महत्व को हर व्यक्ति को समझना चाहिए।
-डॉ. संजय दीक्षित, डीन एमजीएम मेडिकल कॉलेज, सचिव इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन

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