कमेटी चैयरमेन की चूक के कारण एमपीसीए सचिव मांगना पड़ी क्षमा

पिछली बैठक के मिनिट्स नहीं होने से टली एमपीसीए की इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी की बैठक

करीब 35 करोड़ के प्रोजेक्ट पर होना था निर्णय
होलकर स्टेडियम के रेनोवेशन और मुरैना की जमीन विकास का मुद्दा था शामिल

 

 

By: विकास मिश्रा

Published: 07 Jun 2018, 05:05 AM IST

इंदौर, मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की इन्फ्रास्ट्रक्चर कमेटी की अहम बैठक सिर्फ इस कारण टल गई क्योंकि कमेटी के चैयरमेन ने 11 महीने पहले हुए बैठक के मिनिट्स तैयार नहीं किए थे। चैयरमेन की इस चूक के कारण होलकर स्टेडियम के रेनोवेशन सहित मुरैना में क्रिकेट के लिए खरीदी गई जमीन के विकास से जुड़े ३५ करोड़ रुपए के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी।

11 महीने के लम्बे अंतराल के बाद हो रही बैठक में पिछली बैठक के मिनिट्स नहीं होने पर कमेटी के अन्य सदस्यों ने किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। मजबूरी में बैठक आठ दिन बाद करने पर सहमति बनी है। बैठक में एमपीसीए के सचिव मिलिंद कनमड़ीकर विशेश आमंत्रित सदस्य के रूप में मौजूद थे और कमेटी चैयरमेन श्रवण गुप्ता की चूक के लिए उन्होंने अन्य सदस्यों से क्षमा मांगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कनमड़ीकर ने लापरवाही के लिए बैठक के बाद नाराजगी भी जाहिर की है। 15 सदस्यीय कमेटी के अधिकांश सदस्य बैठक में शामिल हुए थे। कमेटी की आखिरी मीटिंग 11 महीने पहले हुई थी उसके बाद सदस्यों को अचाकन रविवार को बैठक की सूचना और एजेंडा दिया गया था। जिसमें होलकर स्टेडियम के रेनोवेशन सहित बीबीसीआई से मिली गाइडलाइन के चलते कुछ बदलाव के बिंदू शामिल थे। मुरैना में संगठन द्वारा खरीदी गई जमीन के विकास कार्यों की योनजा भी थी जिन पर करीब 35 करोड़ रुपए खर्च होना है। सदस्यों का कहना था महज दो दिन के नोटिस पर इतने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर कैसे सहमति दी जा सकती है। सभी का बारिकी से अध्यन करने के बाद फैसले लिए जा सकते हैं। पिछली बैठक में लिए गए निर्णय के मिनिट्स भी देखना होंगे। इस पर बैठक अगले सप्ताह करने पर सहमति बनी है। बैठक में सतीश भंडारी, सुरेश चुडगर, अभय पुरंदरे, अल्पेश शाह, सुनील शाह, प्रवीण कासलीवाल, सीईओ रोहित पंडित, सहसचिव संदीप मुंगरे भी उपस्थित थे।

विकास मिश्रा
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