होर्डिंग में अफसरों ने किया फर्जीवाड़ा, कमाए 8 लाख दिए 18 हजार

सवाल-जवाब: बरसों बाद एमआइसी के सामने हुई निगम के अफसरों की पेशी

By: amit mandloi

Published: 20 Jul 2018, 10:38 AM IST

इंदौर. महापौर सचिवालय में हुई एमआइसी बैठक में कई अहम फैसले हुए, तो कई प्रस्तावों को वापस लौटाया गया। मालिनी गौड़ के महापौर बनने के बाद पहली बार अफसरों की पेशी एमआइसी सदस्यों के सामने हुई।

पहली पेशी अपर आयुक्त रोहन सक्सेना की हुई। निगम यातायात एवं परिवहन समिति प्रभारी दिलीप शर्मा ने कहा, एमआइसी ने शहर में 80 स्थानों पर बने शौचालयों पर होर्डिंग्स लगाने की अनुमति दी थी। इसके लिए 18 हजार रुपए की दर तय की गई थी। इसकी आड़ में अफसरों ने शहर की प्राइम लोकेशन पर 20 और होर्डिंग्स की अनुमति दे दी। होर्डिंग्स लगवाने वाले निगम को तो 18 हजार रुपए दे रहे हैं, जबकि इसके बदले में वे 8-9 लाख रुपए वसूल रहे हैं, जिससे निगम को लगभग डेढ़ करोड़ का नुकसान हो रहा है। जब अपर आयुक्त सक्सेना को बुलाया तो वे कहते रहे कि फाइल पुरानी थी, इसलिए उन्होंने साइन कर दी। दिलीप शर्मा ने कहा, पैसों का खेल कर अनुमति जारी की गई है। इस पर सक्सेना कोई जवाब नहीं दे पाए। निगमायुक्त आशीषसिंह ने बात को संभालते हुए बीच में टोका और इसकी पूरी फाइल बुलाकर खुद जांच करने की बात कही। इसके बाद सक्सेना को रवाना कर दिया गया।

पार्किंग नि:शुल्क
- 17 स्थानों पर सशुल्क पार्किंग के टेंडर की अनुमति का प्रस्ताव यातायात समिति प्रभारी की आपत्ति के कारण अटक गया।
- क्लब और पब पर 20 प्रतिशत मनोरंजन कर लगाने की स्वीकृति।
- वनडे व आइपीएल मैच पर 20 प्रतिशत मनोरंजन कर की राशि वसूलने की स्वीकृति दी गई।
- 10 लाख से अधिक टर्नओवर वाले सिनेमाघरों पर 20 तथा 10 लाख से कम टर्नओवर वाले सिनेमाघरों पर 5 फीसदी मनोरंजन कर लगाया।
- निगम अधिकारियों/कर्मचारियों को 1 जनवरी 2018 से 142 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता देने की स्वीकृति।

इनकी भी हुई पेशी
एनएस तोमर, अधीक्षण यंत्री
नगर निगम में जलकार्य और सीवरेज का काम संभाल रहे तोमर को बार-बार एमआइसी सदस्यों के सामने आना पड़ा। सबसे पहले जलकार्य समिति प्रभारी बलराम वर्मा ने सवाल उठाया कि सेप्टिक टैंक खाली कराने के लिए 1250 रुपए की दर के हिसाब से पहले आए टेंडर को कैंसल करने के बाद नए टेंडर क्यों नहीं किए गए। इसका जवाब देने के लिए तोमर को बुलाया गया। तोमर ने फाइल कंसल्टेंट के पास होने की बात कही। उसके बाद शहर में कुएं-बावड़ी की सफाई का काम ठेकेदारों के पेमेंट रोकने और उसके कारण काम बंद होने का सवाल उठाया। फिर से तोमर को बुलाया गया। तोमर ने बताया कि निगमायुक्त द्वारा पहले इसका थर्ड पार्टी से इंस्पेक्शन कराने के लिए कहा था। सजीएसआइटीएस को हमने चिट्ठी लिखी थी, उन्होंने इंस्पेक्शन ही नहीं किया, इसलिए फाइल रुकी हुई है। तोमर के इतना कहते ही वर्मा ने कहा कि जब टेंडर में ही थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की बात नहीं थी तो फिर यह करवाया क्यों जा रहा है। निगमायुक्त सिंह ने भी इसका समर्थन किया और फाइलें स्वीकृत करने को कहा।
कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव और एसके कुरील
सिंहासा में एकेवीएन द्वारा बनाए जा रहे आइटी पार्क में पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू नहीं होने पर नर्मदा प्रोजेक्ट के दोनों कार्यपालन यंत्रियों को बुलाया। अफसरों ने बताया फाइल स्वीकृति को एमआइसी भेजी थी, लौटकर नहीं आई, इसलिए स्वीकृति नहीं दी गई।
लोकेंद्रसिंह सोलंकी उपायुक्त
एमआइसी की बैठक में होर्डिंग्स से जुड़े प्रस्तावों के आने पर सोलंकी को बुलाया गया। इनमें शहर में होर्डिंग्स की अनुमति देने या होर्डिंग्स की दर तय करने के पहले एक सर्वे करवाकर उस स्थान का भाव लिया जाए और उसके बाद उसके टेंडर बुलाने पर सहमति बनी।

शहर में फिलहाल पार्किंग नि:शुल्क

निगम परिषद में इसके अलावा कई महत्वपूर्ण फैसलों पर भी सहमति बनी और कई प्रस्ताव लौटाए भी गए, जिनमें मुख्य थे।
- शहर में 17 स्थानों पर सशुल्क पार्किंग के टेंडर की अनुमति का प्रस्ताव यातायात एवं परिवहन समिति प्रभारी की आपत्ति के कारण अटक गया। उन्होंने आपत्ति ली थी कि वाहनों की खरीदी के साथ ही निगम वाहन मालिक से एकमुश्त पार्किंग शुल्क लेता है और पार्किंग वैसे भी गुंडे ही लेते हैं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। एमआइसी ने पहले सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
- शहर में मौजूद सभी क्लब और पब पर 20 प्रतिशत मनोरंजन कर लगाने की स्वीकृति।
- वनडे व आइपीएल मैच पर 20 प्रतिशत मनोरंजन कर की राशि वसूलने की स्वीकृति दी गई।
- शहर में 10 लाख से अधिक के टर्नओवर वाले सिनेमाघरों पर 20 प्रतिशत मनोरंजन कर तथा 10 लाख से कम के टर्नओवर वाले सिनेमाघरों पर 5 प्रतिशत मनोरंजन कर लगाने की स्वीकृति दी गई।

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