सुबह 4 बजे से चौकन्ना हो गए निगम अफसर, दिल्ली से आई ही नहीं टीम

खुले में तो नहीं हो रहा शौच, देखने निकले और व्यवस्था की चाकचौबंद

By: हुसैन अली

Published: 15 Nov 2018, 03:08 PM IST

इंदौर. स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के तहत दिल्ली से आज एक टीम आने वाली थी, लेकिन वह नहीं आई। ओडीएफ मुक्त शहर होने के बावजूद खुले में शौच तो नहीं हो रहा, यह देखने के लिए टीम आने वाली थी। इसके चलते सुबह 4 बजे से नगर निगम के अफसर सक्रिय हो गए और सारी व्यवस्था को चाकचौबंद करने में जुट गए, ताकि टीम को कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिले।

शहर खुले में शौच मुक्त घोषित हो गया है। बावजूद इसके स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में फिर से इसे शामिल किया गया है, क्योंकि शौच मुक्त घोषित होने के बाद भी कई शहरों में फिर से लोग खुले में शौच करने के लिए जाने लगे है। इसके लिए केंद्र सराकर ने इसे फिर से सर्वेक्षण में शामिल किया और नई गाइड लाइन के हिसाब से रैंकिंग तय की। इसे पाने के लिए निगम ने जी तोड़ मेहनत की और पिछले दिनों दिल्ली से आई टीम के सर्वे करने के बाद फिर से इंदौर शहर को शौच मुक्त घोषित करवाया। ओडीएफ को लेकर एक बार सर्वे होने के बाद ओडीएफ प्लस और ओडीएफ डबल प्लस को लेकर सर्वेक्षण होगा। इसके लिए आज दिल्ली से टीम आने वाली थी, लेकिन किसी कारण से नहीं आ पाई और यह सर्वेक्षण आगे बढ़ गया।

दिल्ली से टीम आने की सूचना के चलते निगम आयुक्त आशीष सिंह सहित अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोनल अफसर, बिल्डिंग अफसर, स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक, सफाई दरोगा और इंजीनियर सहित एनजीओ के लोग सुबह ४ बजे से फील्ड में उतर गए। सुबह १० बजे तक अपने-अपने क्षेत्र में घुमकर देखने लगे कि कहीं कोई खुले में शौच तो नहीं कर रहा। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों और टॉयलेट की सफाई भी करवाई। साथ ही शौचालयों की सफाई को भी देखा और कमी-पेशी को दूर करवाया।

शाम तक होगा टीम आने का तय

आयुक्त सिंह ने कहा कि ओडीएफ को लेकर होने वाले सर्वे के तहत आज दिल्ली से टीम आने वाली थी, लेकिन वह आई नहीं। शाम तक तय होगा कि टीम कब आएगी। वैसे ओडीएफ मुक्त शहर घोषित हो गया है, लेकिन अब ओडीएफ प्लस और ओडीएफ डबल प्लस को लेकर सर्वे हो रहा है।

रात को ही कर दी सारी व्यवस्था

सर्वेक्षण के लिए दिल्ली से टीम आने की सूचना निगम के अफसरों तक पहुंचते ही कल रात को ही सार्वजनिक शौचालायों पर व्यवस्था दुरूस्त कर दी गई। लाइट लगाने के साथ पानी की व्यवस्था कर दी गई। साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का कर्मचारियों को कहा गया, ताकि सर्वेक्षण के दौरान कहीं कोई लापरवाही नजर न आए।

7 स्टार रैंकिंग लेने की तैयारी

स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में तीसरी बार नंबर वन आकर हैट्रिक मारने की कवायद में निगम लगा है। सर्वेक्षण-2019 जनवरी से शुरू होना है, लेकिन इसके पहले 3 से लेकर 7 स्टार तक रैकिंग, शहरों को केंद्र सरकार द्वारा सर्वेक्षण को लेकर बनाई गई गाइड लाइन के हिसाब से काम करके प्राप्त करना है। रैकिंग सिटी ब्यूटीफिकेशन, नदी-तालाब और कुएं सहित अन्य वॉटर बॉडी में कचरा न होना, होम कम्पोस्टिंग 5 प्रतिशत होना और ट्रेचिंग ग्राउंड पर कचरे का निपटान 75 प्रतिशत तक होना है। इस गाइड लाइन पर खरे उतरने पर ही ५ स्टार के साथ 3 और 4 स्टार रैकिंग मिलेगी। काम शत प्रतिशत होने पर 7 स्टॉर रैकिंग मिलेगी।

हुसैन अली
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