scriptNo entry in Khajrana temple after 10 pm on December 31 | खजराना मंदिर में 31 दिसंबर को रात 10 बजे बाद प्रवेश नहीं, मानने होंगे ये नियम | Patrika News

खजराना मंदिर में 31 दिसंबर को रात 10 बजे बाद प्रवेश नहीं, मानने होंगे ये नियम

कोरोना के चलते इस बार भी नहीं लगेगा तिल चतुर्थी मेला

इंदौर

Updated: December 29, 2021 01:33:36 pm

इंदौर। खजराना गणेश मंदिर पर इस वर्ष 31 दिसंबर को देर रात तक दर्शन नहीं हो पाएंगे। मंदिर में रात 10 बजे से प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। वहीं एक जनवरी को सुबह 5 बजे से प्रवेश प्रारंभ होगा। यह निर्णय मंगलवार को हुई श्री खजराना गणेश मंदिर प्रबंधन समिति की बैठक में लिया गया। मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया, तिल चतुर्थी पर 3 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान 21 जनवरी से आरंभ होगा। इस दिन खजराना गणेश को 51 हजार तिल के लड्डू का भोग लगाया जाएगा। 21 से 23 जनवरी तक मंदिर की सजावट, श्रीगणेश का अभिषेक होगा लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते मेला नहीं लगेगा।

khajrana_jpg_4942487_835x547-m.jpg
Khajrana temple

मंगलवार को कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने मंदिर प्रबंधन समिति व पुजारियों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया कि तीन दिवसीय इस आयोजन में भगवान श्रीगणेश और रिद्धि-सिद्धि का अभिषेक, पूजा और मोतियों से श्रगार किया जाएगा बता दें कि कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने खजराना मंदिर प्रबंध समिति के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय बताया है ।

26 जनवरी को तिरंगामय होगा मंदिर

21 जनवरी को खजराना गणेश को 51 हजार तिल के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया कि तीन दिवसीय इस आयोजन में भगवान श्रीगणेश और रिदि्ध-सिदि्ध का अभिषेक, पूजा और मोतियों से शृंगार किया जाएगा। मंदिर को फूलों से सजाया जाएगा और दर्शन की भी विशेष व्यवस्था होगी। मंदिर में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा ध्वज पूजन किया जाएगा। तीन दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन भजन संध्या भी होगी। इसके अलावा इस बार 31 दिसंबर की रात 10 से बजे बाद मंदिर में भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 1 जनवरी को सुबह 5 बजे से प्रवेश प्रारंभ होगा। मास्क लगाना जरूरी होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। वैक्सीन के दोनों डोज लगे होने चाहिए।

1735 में हुई थी खजराना गणेश मंदिर की स्थापना

मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति 1735 में तिल चतुर्थी के दिन स्थापित की गई थी। यह मूर्ति मंदिर परिसर में बनी बावड़ी से ही निकाली गई थी। बाद में रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ की भी मूर्ति स्थापित की गई। तिल चतुर्थी के दिन गणेश मूर्ति स्थापित हुई थी, इसलिए हर वर्ष तिल चतुर्थी पर तीन दिवसीय उत्सव मनाया जाता है। वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के चलते मेला नहीं लगाया गया था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Numerology: कम उम्र में ही अच्छी सफलता हासिल कर लेते हैं इन 3 तारीखों में जन्मे लोगहो जाइये तैयार! आ रही हैं Tata की ये 3 सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, शानदार रेंज के साथ कीमत होगी 10 लाख से कमइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजमां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां, चमका देती हैं ससुराल वालों की किस्मतShani: मिथुन, तुला और धनु वालों को कब मिलेगी शनि के दशा से मुक्ति, जानिए डेटइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीweather update: राजस्थान के इन जिलों में हुई बारिश, जानें आगे कैसा रहेगा मौसमतत्काल पैसों की जरुरत है? तो जानिए वो 25 बैंक जो दे रहे हैं सबसे सस्ता Personal Loan

बड़ी खबरें

भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज पर पहुंचा ओमिक्रॉन वेरिएंट - केंद्र सरकारUP Assembly Elections 2022 : पलायन और अपराध खत्म अब कानून का राज,चुनाव बदलेगा देश का भाग्य - गृहमंत्री शाहराजपथ पर पहली बार 75 एयरक्राफ्ट और 17 जगुआर का शौर्य प्रदर्शन, देखें फुल ड्रेस रिहर्सल का वीडियोहेट स्पीच को लेकर हिन्दू संगठन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, कहा-मुस्लिम नेताओं की भी हो गिरफ्तारीPriyanka Chopra Surrogacy baby: तस्लीमा ने वेश्यावृत्ति, बुरका से की सरोगेसी की तुलनारोज लोगों से मिलने वाले सांसद, पूर्व सांसद, विधायक और भाजपा नेताओं को पुलिस ने कोर्ट में बताया फरार, फिर सुर्खियों में झंडा विवादलता मंगेशकर की सेहत पर डॉक्टर का बड़ा बयान, दीदी के लिए दुआ मांग रहे लोगCorona Omicron Variet : स्वदेशी आरटी-पीसीआर किट "ओम" से होगी ऑमिक्रॉन की सटीक जांच
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.