पहली मूक-बधिर नर्स बनीं कथक डांसर बुलबुल पांजरे, लेखनी को ताकत बनाया, किया गया सम्मान

पहली मूक-बधिर नर्स बुलबुल पांजरे को थाना प्रभारी तुकोगंज कमलेश शर्मा के प्रयासों से निजी हॉस्पिटल में नियुक्ति मिली....

By: Ashtha Awasthi

Published: 26 Sep 2021, 04:57 PM IST

इंदौर। अंतरराष्ट्रीय बधिर दिवस और मूक बधिर केंद्र के 19वें स्थापना दिवस पर तुकोगंज थाना परिसर में कार्यक्रम आयोजन हुआ। कथक डांस में देशभर में नाम कमाने वाली युवती ने नर्स की परीक्षा पास की तो पुलिस अफसरों ने प्रयास कर उसकी हॉस्पिटल में नौकरी लगवाई। शनिवार को उसका सम्मान किया गया।

आनंद सर्विस सोसायटी ने मूक-बधिर और विकलांगों का सम्मान किया। इस दौरान एसपी पूर्व आशुतोष बागरी, जयवीरसिंह भदौरिया, ज्ञानेंद्र पुरोहित मौजूद रहे। अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाली मूक -बधिर नर्स व कथक डांसर बुलबुल पांजरे, महिला उद्यमी मीना कौर, मिस इंडिया 2021 वर्षा डोंगरे, स्वीटी (जन्म से मूक-बधिर और दृष्टिबाधित), चाहत मौर्य आदि का डीआइजी मनीष कपूरिया ने सम्मान किया। पहली मूक-बधिर नर्स बुलबुल पांजरे को थाना प्रभारी तुकोगंज कमलेश शर्मा के प्रयासों से निजी हॉस्पिटल में नियुक्ति मिली।

बुलबुल ने बताया कि उसने बीएससी नर्सिंग प्रथम श्रेणी में पास की है। वह चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों की मदद करना चाहती है, लेकिन उसे कहीं अच्छी जॉब नहीं मिल रही। छात्रा के इतना कहते ही कपूरिया ने थाना प्रभारी कमलेश शर्मा को निर्देश दिए और तत्काल ही निजी अस्पताल में नर्स की स्थायी नौकरी दिलवा दी। उनका कहना है कि नर्स बनकर लोगों की सेवा करने का था। इसलिए बीएससी नर्सिंग चुना। स्कूल की पढ़ाई में बहुत दिक्कतें आईं। पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त दो घंटे रोजाना देकर और अन्य संसाधनों के बूते पर कमजोरी को ही ताकत बनाया।

Ashtha Awasthi
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