भाजपा में संगठन चुनाव का आगाज, भूपेंद्रसिंह की इंदौर में अग्निपरीक्षा, नवंबर में होगी जिला अध्यक्ष की घोषणा

बड़ी मुश्किल है... सारे गुटों का संतुलन बनाना नहीं आसान

इंदौर. भाजपा में संगठन चुनाव का आगाज हो गया है। इंदौर में चुनाव कराने पूर्व प्रभारी मंत्री रहे भूपेंद्रसिंह आएंगे। ये चुनाव उनके लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होंगे क्योंकि ताई, भाई से लेकर तमाम नेताओं से समन्वय करके जिला अध्यक्ष का चुनाव करना है। इधर, इंदौर के आधा दर्जन नेताओं को भी विभिन्न स्थानों पर प्रभारी बनाया गया। सदस्यता अभियान खत्म होने के बाद भाजपा में संगठन चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

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पांच चरणों में चुनाव होना हैं, जिसमें बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक की नियुक्ति हो जाएगी। जिला स्तर पर होने वाले चुनाव को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन ने नेताओं की नियुक्ति कर दी है। इंदौर की कमान पूर्व गृह व इंदौर के प्रभारी मंत्री भूपेंदसिंह को तो ग्रामीण क्षेत्र में मनोहर ऊंटवाल को सौपी गई। सिंह के लिए इंदौर के चुनाव किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं हैं। हालांकि पहले भी वे संगठन चुनाव करवा चुके हैं, लेकिन इस बार परिस्थिति बिलकुल बदली हुई है।

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पूर्व में सुमित्रा महाजन सांसद थी। उनकी बात का खासा महत्व था, लेकिन उनकी जगह शंकर लालवानी अब सांसद है। उनकी बात का भी खासा महत्व माना जाएगा। कृष्णमुरारी मोघे भी अहम भूमिका में रहते थे। इस बार शहरी क्षेत्र में दो नंबरी भाजपाइयों का विस्तार हो गया है। दो नंबर के अलावा तीन में भी अब उनका कब्जा है। वहीं, एक नंबर में सुदर्शन गुप्ता भी विधायक नहीं रहे। ऐसे में सभी नेताओं का समन्वय बनाकर बिना वोटिंग कराए नगर अध्यक्ष बनाना आसान नहीं होगा। नगर निगम चुनाव को देखते हुए हर खेमा चाहता है कि अध्यक्ष उनका हो ताकि टिकट में अपने लोगों को ज्यादा से ज्याादा लाभ दिलाया जा सके।

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इंदौर के नेता भी कराएंगे चुनाव

इंदौर के आधा दर्जन नेताओं की संगठन चुनाव में ड्युटी लगा दी गई है। उन्होंने जिम्मेदारी सौंपी है कि सबको साथ में लेकर संगठन के चुनाव कराए जाएं। कहीं भी विवाद की स्थिति नहीं है। बाबूसिंह रघुवंशी मुरैना, राधेश्याम यादव गुना, मधु वर्मा रायसेन, कविता पाटीदार सीहोर, जीतू जिराती को राजगढ़ भेजा गया है।

मंडल से शुरू हो जाएगी उठापटक

उनके सामने मंडल अध्यक्ष के चुनाव से ही चुनौती शुरू हो जाएगी। एक, तीन, चार और राऊ विधानसभा में अध्यक्ष पद को लेकर खासी खींचतान रहेगी। 11 अक्टूबर से 30 के बीच अध्यक्ष व उनकी टीम की घोषणा हो जाएगी। 11 से 30 नवंबर के बीच जिला व नगर अध्यक्ष की घोषणा करना है तो 15 दिसंबर से पहले प्रदेश और 30 दिसंबर से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी।

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रीना शर्मा Desk
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