padman movie review- समाज की बुराईयों के प्रति संवेदना दर्शाती है पैडमैन

चूका नहीं ये चौहान, आप भी न चूकें!

स्टार कास्ट : अक्षय कुमार , राधिका आप्टे, सोनम कपूर।
प्रोड्यूसर : ट्विंकल खन्ना।
निर्देशक : आर. बल्की।
संगीत : अमित त्रिवेदी। गीत : कौशर मुनीर।
अवधि : 2 घंटा 20 मिनट, कैटेगरी : थ्रिलर, सस्पेंस
सर्टिफिकेट : यू
पवन@ इंदौर. अक्षय कुमार आज फिल्मों की भीड़ में कहीं अलग ही खड़े नजर आते हैं। उनकी फिल्म सस्ता मनोरंजन नहीं देती बल्कि हर बार कुछ न कुछ सीख दे जाती है। कुछ ऐसी ही है पैडमैन। जरूरत और जिद आम आदमी को कहां तक ले जा सकती है, यही किस्सा है, पैडमैन का। कोयंबटूर के अरुणाचलम् मुरुगनाथनम् ने सस्ते सेनेटरी पैड बनाने की मशीन क्या बनाई, बाजार में क्रांति आ गई। उसे पर्दे पर जीवंत करके दिखाया अक्षय ने, इस खूबी के साथ कि आज यह फिल्म सामाजिक सरोकार का नया संदेश दे रही है। ऐसी प्रेरणास्पद और सामाजिक उत्थान की गाथा को कुछ बुद्धिजीवी कॉमेडी कह रहे हैं।

कहानी
मूल कहानी अरुणाचलम् की ही है, लेकिन इसे मध्यप्रदेश के बैकग्राउंड में फिल्माया गया है। महेश्वर में रहने वाले फेब्रिकेशन कारखाने का कारीगर लक्ष्मीकांत चौहान पत्नी गायत्री के माहवारी के दिनों की समस्या से परेशान हो उठता है। सेनेटरी पैड की ज्यादा कीमत का विकल्प तलाशने के लिए वह खुद पैड बनाना चाहता है। सस्ते पैड बनाने के लिए शर्मींदगी भरे वाकयात, संघर्ष, जद्दोजहद के बाद मात्र 97 हजार की कीमत वाली छोटी पैड मशीन का आविष्कार कर लेता है, जो गांव की महिलाओं की जिंदगी बदल देती है।

एक्टिंग
अक्षय की अदाकारी पर हैट्सऑफ। पूरी फिल्म में तीन ही मुख्य किरदार हैं, अक्षय, राधिका और सोनम। अक्षय तो लक्ष्मीकांत के किरदार में इस कदर रमे हैं कि असली पैडमैन वही लगते हैं। राधिका ने उनकी पत्नी के रूप में गांव की सीधी-सादी और धार्मिक महिला के किरदार में उतरकर बता दिया कि वे हर जगह एकदम फिट हैं। सोनम की इंट्री इंटरवल बाद होती है। उन्हें स्क्रीन पर ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन अक्षय की दोस्त परी के किरदार के साथ पूरा न्याय किया।

क्यों देखें
यह फिल्म नहीं देखना शायद समाज के प्रति अपराध होगा। सामाजिक जागरुकता की इस फिल्म को देखना इसलिए भी जरूरी है कि कम से कम परिवार के आधे सदस्यों की पांच दिनों की मुश्किल तो महसूस करें और शर्म के बंधन तोडक़र उससे लडऩे का हौसला और साथ दे सकें। जो यह कहते हैं कि परिवार के साथ इस विषय की फिल्म कैसे देख सकते हैं, वे जरूर जाएं और फिर फैसला करें कि परिवार के साथ देखने लायक है या नहीं। वैसे समाज को बड़ा संदेश देने में यह लक्ष्मीकांत चौहान चूका नहीं है, आप भी इसे देखने से न चूकें।

Akshay Kumar Sonam Kapoor
अर्जुन रिछारिया Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned