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इलेक्ट्रिक वाहनों में लोगों की रुचि नहीं, बाकी राज्यों से इसलिए पीछे हैं हम

मध्यप्रदेश के सबसे प्रदूषित शहर ही ईवी को नहीं कर पा रहे स्वीकार...>

इंदौर

Published: May 11, 2022 01:38:25 pm

इंदौर। आपको यह जानकर हैरत होगी कि मध्यप्रदेश के सबसे प्रदूषित शहर ही इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में पीछे छूट रहे हैं। यहां लोग इसके उपयोग से कतरा रहे हैं। इसे जागरूकता का अभाव कहें या फिर कुछ और सिंगरौली जैसे एमपी के सबसे प्रदूषित जिले में सिर्फ 12 ईवी ही रजिस्टर्ड हैं, जबकि यहां कई बड़ी कंपनियां हैं। ऐसे ही दूसरे नंबर के प्रदूषित शहर कटनी में यह आंकड़ा 744 है।

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दरअसल, जब हम परिवहन विभाग के आंकड़ों को खंगालते हैं तो पाते हैं कि अधिकांश शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कोई उत्साह नहीं है। जिस विषय पर पूरी दुनिया गंभीरता से चर्चा कर रही है, उसे आत्मसात करने में हम पीछे हैं। कई छोटे जिलों में यह आंकड़ा दहाई को भी नहीं छूपाया है। अगर प्रदेश की बात करें तो हम ईवी का उपयोग करने वाले टॉप-5 राज्यों में भी नहीं हैं। हमसे आगे राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार हैं। हालांकि सरकार ने इसको लेकर प्रयास तेज कर दिए हैं। नई ईवी पॉलिसी की बात की जा रही है, जिससे शहरों की सेहत में सुधार हो सके।

प्रदेश के 12 शहर मॉडरेट श्रेणी में

प्रदूषण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 12 शहर एक्यूआइ के मामले में मॉडरेट श्रेणी में आ चुके हैं। इनका प्रदूषण लेवल 100 से अधिक है। यह बताता है कि इन शहरों में लोगों को अधिक जागरूक होने की जरूरत है। पर्यावरणविदों के अनुसार एक्यूआइ बढ़ने में 50 प्रतिशत तक कारक वाहन होते हैं। यह वायू प्रदूषण बढ़ाते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग शहरों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

पहले बैटरी को लेकर शिकायत रहती थी। अब लिथियम आयन का उपयोग हो रहा है। स्वदेशी टेक्नोलॉजी कारगर है और अधिक कैपसिटी वाली है। ऐसे में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक व्हीकल के प्रति लोग जागरूक होंगे।

जीएस जुनेजा, एमडी, कैपको इंडस्ट्री प्रा. लि.

लोगों को शहर की सेहत के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। इंदौर में ईवी पर अच्छा काम हो रहा है। यहां से सीख लेने की जरूरत है। अगर शहर को स्वस्थ रखना है तो हमें प्रदूषण का स्तर घटाना होगा। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लाभदायक होगा।

- डीके वाघेला, पर्यावरणविद

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