7 माह से एनओसी के लिए भटक रहे प्लॉट धारक

बृजमोहिनी कॉलोनी : संभागायुक्त से लगाई गुहार सालभर हो गया निर्माण अनुमति मांगे

By: रीना शर्मा

Published: 07 Jul 2019, 03:43 PM IST

इंदौर. स्कीम नंबर 140 के पीछे स्थित बृजमोहिनी कॉलोनी के प्लॉटधारक टीएडंसीपी और सहकारिता विभाग के चक्कर लगाकर थक गए हैं। सात महीने बाद भी उन्हें सहकारिता विभाग द्वारा एनओसी नहीं दी गई है। एक साल से निर्माण अनुमति के लिए निगम से लेकर प्रशासन तक गुहार लगा चुके हैं। हाल ही में उन्होंने संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी से मिलकर गुहार लगाई।

इस 20 साल पुरानी कॉलोनी में 328 प्लॉटधारक है। इनमें से 220 को निगम और टीएंडसीपी द्वारा परमिशन मिल चुकी है, वहीं 108 प्लॉटधारक अनुमति के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। कॉलोनाइजर ने विकास कार्य पूर्ण नहीं किए थे, प्रशासन के दबाव में पूरे कर दिए। वहीं संशोधित नक्शा 21 जुलाई 2018 से डीएंडसीपी में लंबित है। इसकी मुख्य वजह सहकारिता विभाग द्वारा सात महीने से टीएंडसीपी को एनओसी नहीं मिलना है।

तत्कालीन कलेक्टर ने दिलाए थे कब्जे

तत्कालीन कलेक्टर पी. नरहरि ने इस कॉलोनी में प्लॉटधारकों को कब्जे दिलाकर निगम अफसरों को निर्माण अनुमति देने के आदेश भी दिए थे। बाद में 108 प्लॉटधारकों का मामला कानूनी दांव-पेंच में उलझकर रह गया। प्लॉटधारक सेवानिवृत्त तपन मंडल, संजीव जोशी, एनके अग्रवाल सहित अन्य ने बताया, कई स्तर पर लड़ाई लड़ी, पर राहत नहीं मिली। सहाकारिता विभाग एनओसी जारी नहीं कर रहा है।

संशोधित नक्शे में रोड 6 के बजाय 9 फीट

कॉलोनाइजर ने समयसीमा निकल जाने पर संशोधित नक्शा टीएंडसीपी में लगायाा। पहले कॉलोनी की रोड 6 फीट थी, जिसे बढ़ाकर 9 फीट किया गया। इस वजह से प्लॉटधारकों के प्लॉट का साइज भी घट गया। पीडि़तों ने बताया, निर्माण के लिए बैंक से लोन लिया है, जिसकी किस्त भी शुरू हो चुकी है। अक्टूबर तक निर्माण शुरू नहीं हुआ तो कमर्शियल ब्याज लगने से उन्हें दोहरी मार पड़ेगी।

रीना शर्मा Desk
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