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कमिश्नरी में नहीं मिलेंगे पुलिस को शस्त्र लाइसेंस और फायर एनओसी देने के अधिकार!

प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई के अधिकार रहेंगे

इंदौर

Published: November 27, 2021 06:30:29 pm

इंदौर. सरकार इंदौर- भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने जा रही है लेकिन दूसरे प्रदेशों की तरह प्रदेश में पूरे अधिकार नहीं दिए जाने की कवायद है। अभी सीआरपीसी के तहत प्रतिबंधात्मक धारा 151, 110 व 114 लगाने के अधिकार दिए जा रहे हैं लेकिन शस्त्र लाइसेंस, मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई, फायर एनओसी जैसे अधिकार नहीं देने की चर्चा है।
कमिश्नर प्रणाली को लेकर शासन ने काफी कुछ तय कर लिया है। अभी जो फार्मेट तय हुआ है उसमें पुलिस को ज्यादा अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। सीआरपीसी के तहत कुछ अधिकार देने की बात सामने आई है। धारा 110, धारा 151 के तहत जमानत देना, धारा 144 लगाना, जिलाबदर करने के अधिकार पुलिस को दिए जा रहे हैं। 145 के तहत संपत्ति के मामले में बाउंड ओवर करना, रासुका लगाना जैसे अधिकार को लेकर फैसला नहीं हुआ है। दूसरे प्रदेशों में कमिश्नर के पास शस्त्र लाइसेंस जारी करने, फायर एनओसी, किसी बिल्डिंग में सुरक्षा व कैमरे लगाने जैसे प्रबंध करने जैसे अधिकार कलेक्टर के पास ही रहेंगे, इन्हें फिलहाल पुलिस को नहीं देने की बात सामने आई है। हालांकि नोटिफिकेशन के स्थिति साफ हो पाएगी। एडीजी को कमान देने की स्थिति में कमिश्नर विपिन माहेश्वरी, उपेंद्र जैन, संजीव शमी के नाम हैं। आइजी को ही कमान देंगे तो हरिनारायणाचारी मिश्र की संभावना ज्यादा है।
कमिश्नरी में नहीं मिलेंगे पुलिस को शस्त्र लाइसेंस और फायर एनओसी देने के अधिकार!
कमिश्नरी में नहीं मिलेंगे पुलिस को शस्त्र लाइसेंस और फायर एनओसी देने के अधिकार!
पूर्व- पश्चिम में दो-दो डीसीपी, लसूडिय़ा-बाणगंगा जैसे बड़े थाने को होंंगे दो भाग

अभी जो फॉरमेट तय हुआ है उसमें अधिकारियों की संख्या बढऩा तय है लेकिन बल बढऩे की स्थिति नजर नहीं आ रही है। अभी जिले में 2016 में स्वीकृत बल ही उपलब्ध नहीं है। इन सालों में करीब 928 आरक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं लेकिन उनकी जगह पोस्टिंग नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि करीब 2 हजार अतिरिक्त बल मिलने पर कमिश्नर प्रणाली प्रभावी ढंग से लागू हो पाएगी।
अधिकारियों का होगा कोर्ट रूम
- पुलिस अधिकारियों को ज्यूडिशियल अधिकार मिलेंगे। नए ऑफिस के साथ स्टॉफ भी देना होगा, कोर्ट रूम भी अलग बनेंगे।

- दो डीआइजी स्तर के अफसर ज्वाइंट कमिश्नर होंगे। एक के पास कानून व्यवस्था तो दूसरे के पास क्राइम इन्वेस्टिगेशन का प्रभार रहेगा।
- अभी पूर्व पश्चिम में एक-एक एसपी है। नई व्यवस्था में दो-दो डीसीपी रहेंगे।
- क्राइम, ट्रैफिक, इंटेलीजेंस व हैडक्वार्टर के भी अलग-अलग एसपी (डीसीपी) रहेंगे।
- अभी शहर में पांच एएसपी हैं, प्रणाली में यह एडीशनल कमिश्नर होंगे। इनकी संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी।

- अभी 9 सीएसपी हैं जो नई व्यवस्था में एसिस्टेंट कमिश्नर होंगे, इनकी संख्या करीब 20 हो जाएगी।
- लसूडिय़ा, बाणगंगा, एरोड्रम, चंदननगर, राजेंद्रनगर, भंवरकुआं, खजराना, तेजाजीनगर, कनाडिय़ा जैसे बड़े थानों को दो भाग में किया जाएगा। सभी के प्रभारी टीआइ होंगे। अभी एक सीएसपी के पास तीन थानों का प्रभार है। नई व्यवस्था में दो-दो थानों का होगा।

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