खतरनाक केमिकल से बनीं गणेशजी की मूर्तियां जब्त, शरीर को पहुंचाती गंभीर नुकसान

99 मूर्तियां और २५६ बोरी मटेरियल जब्त 

इंदौर. जिले में गणेशोत्सव में प्लॉस्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों का उपयोग नहीं करने के लिए प्रशासन जन जागरूकता के साथ ही मूर्ति निर्माताओं पर भी सख्त हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश का हवाला देकर मूर्ति निर्माताओं को पीओपी मूर्तियां नहीं बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। गुरुवार को प्रशासन ने मूर्ति निर्माताओं पर कार्रवाई कर बाणगंगा से ९९ मूर्तियां और २५६ बोरी पीओपी पाउडर जब्त किया। मालूम हो, शहर में प्लास्टर ऑफ पेरिस से मूर्ति निर्माण का पत्रिका ने दमदारी से खुलासा किया था।
सरकार के निर्देश पर प्रशासन लगातार तीन साल से मूर्ति निर्माताओं को आगाह कर रहा है। इसी आधार पर इस बार प्रारंभिक तौर पर सख्ती नहीं की गई। इसका फायदा उठाते हुए मूर्तिकारों ने धड़ल्ले से पीओपी की गणेश मूर्तियां बनाकर जमा कर लीं। गुरुवार को कलेक्टर निशांत वरवड़े के निर्देश पर एडीएम अजय देव शर्मा ने एसडीएम की टीम बना कर शहर में अलग-अलग स्थानों पर जांच करवाई। एसडीएम शृंगार श्रीवास्तव ने बताया, बंगाली चौराहे पर मूर्तिकार चाक पावडर व मिट्टी से मूर्तियां बना रहे हैं। अफसरों ने मटेरियल व कलर्स की भी जांच की। बाणगंगा पहुंची टीम ने मौके से पीओपी की ९९ मूर्तियां व मटेरियल जब्त किया। कलेक्टर वरवड़े ने कहा, गणेश व अन्य मूर्तियों के निर्माण में पीओपी व खतरनाक केमिकल रंग का उपयोग प्रतिबंधित है। इस संबंध में प्रदूषण विभाग, नगर निगम व प्रशासन मिल कर मूर्ति निर्माताओं को लगातार जागरूक कर रहे हैं। नागरिकों से भी अपील की है कि वे मिट्टी की मूर्तियां ही स्थपित करेंं, ताकि घर पर क्यारियों में ही इनका विसर्जन हो सके।

और यहां कोर्ट को हकीकत बताएगी संगत
राजमोहल्ला स्थित गुरुद्वारा करतार कीर्तन साहेब को तोडऩे के खिलाफ अब संगत ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। इस गुरुद्वारे को तोडऩे को लेकर यहां की संगत ने आईजी को एक शिकायत की थी। अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते संगत कोर्ट में अपील करने जा रही है।
राजमोहल्ला से बड़ा गणपति तक बनाई जाने वाली 100 फीट चौड़ी सड़क में बाधक निर्माण मानते हुए नगर निगम ने 22 अप्रैल 2017 को इस गुरुद्वारे को तोड़ दिया था, जिसके खिलाफ संगत ने आईजी को शिकायत की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया, मल्हारगंज पुलिस के साथ नगर निगम के उपायुक्त महेंद्रसिंह चौहान, निगम सिटी इंजीनियर महेश शर्मा सहित 300 से 400 लोग गुरुद्वारे पर पहुंचे थे और यहां मौजूद लोगों को गुरुद्वारे से बाहर करने के बाद गुरुग्रंथ साहेब के तीन स्वरूपों को उठाकर ले गए। यही नहीं यहां रखे दो चांदी के फूलदान, दो चांदी और सोने की मूठ की कृपाण, गुरुद्वारे के निर्माण के लिए संगत से इकट्ठा किए गए 3 लाख रुपए और गुरुद्वारे की गोलक में मौजूद 75 हजार रुपए सहित गुरुमत की पुस्तकों को भी ये लोग ले गए थे।
संगत के रतिंदरसिंह के मुताबिक ६ मई को संगत की ओर से आईजी कार्यालय को की गई इस लिखित शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई है, जिसके चलते अब हम कोर्ट में एक अपील दायर करते हुए इन पर कार्रवाई की मांग रखेंगे।

अर्जुन रिछारिया Incharge
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