इन्होंने व्यापमं फर्जीवाड़े से खरीदी 14 करोड़ की संपत्ति

amit mandloi

Publish: Jul, 14 2018 04:16:10 AM (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
इन्होंने व्यापमं फर्जीवाड़े से खरीदी 14 करोड़ की संपत्ति

- इडी ने डॉ. सगर, डॉ. विनोद भंडारी, पंकज त्रिवेदी व नितिन महेंद्रा के खिलाफ पेश की प्राशिक्यूशन कम्पलेंट

 

 

इंदौर. पीएमटी 2012, 2013 व प्री-पीजी परीक्षा 2012 में फर्जीवाड़ा कर करीब 14 करोड़ की संपत्तियां खरीदी गई, जिसे इडी ने सीज कर लिया था। अब इस मामले में इडी ने स्पेशल कोर्ट में प्रीवेंशन ऑफ मनी लाड्रिंग एक्ट के तहत प्राशिक्यूशन कम्प्लेंट फाइल की है, ताकि संपत्ति को राजसात किया जा सके।
इडी की टीम ने इंदौर की विशेष न्यायालय में रैकेटियर डॉ. जगदीश सगर, डॉ. विनोद भंडारी, व्यापमं के तत्कालीन कंट्रोलर डॉ. पंकज त्रिवेदी व तत्कालीन एनालिस्ट नितिन महेंद्रा के खिलाफ 2505 पेज की प्राशिक्यूशन कम्प्लेंट (चार्जशीट) पेश की है। अब कोर्ट में आगे सुनवाई होगी। वर्ष 2013 में पुलिस ने पीएमटी परीक्षा में छात्रों की जगह परीक्षा देने के लिए आए 20 युवकों को पकड़ा था और 7 जुलाई 2013 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। उस समय यह बात सामने आई थी कि पीएमटी परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने के लिए रैकेटियर डॉ. जगदीश सगर ने इन युवकों को यूपी से बुलाया था। पुलिस से बाद में जांच एसटीएफ के पास गई और एसटीएफ ने अलग-अलग 10 एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इडी ने बाद में मामले में जांच शुरू की थी। इडी ने जांच में माना कि पीएमटी 2012 व पीएमटी 2013 के साथ प्री-पीजी परीक्षा 2012 में व्यापमं के पदाधिकारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा हुआ था। रुपयों का लेन-देन कर गलत लोगों को चयन कराकर लाखों-करोड़ों रुपए की अवैध कमाई की गई थी। इस काम में रैकेटियर के रूप में डॉ. जगदीश सगर, डॉ. विनोद भंडारी के साथ ही व्यापमं पदाधिकारी डॉ. पंकज त्रिवेदी व नितिन महेंद्रा शामिल थे। इन लोगों ने गलत तरीके से कमाई कर जो पैसा इकट्ठा किया, उससे चल अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच के दौरान इडी ने इन लोगों से जुड़ी क्रमश: 5,01,88746 रुपए तथा 8,93,50,085 रुपए की संपत्तियों को तीन अलग-अलग आदेशों से अटैच कर दिया था। इडी का कहना था, संपत्तियां खरीदने के लिए इन लोगों ने लोन लेने की बातें भी कहीं थी, जबकि यह गलत तरीके से कमाई गई राशियों से खरीदी गईं।

Ad Block is Banned