
five corona positive in gwalior
इंदौर। कोरोना पॉजिटिव मरीज के परिजन और पड़ोसियों को संदिग्ध मानकर क्वॉरन्टीन किया जाता है। अप्रैल की शुरुआत में मैरिज गार्डनों में बनाए क्वॉरन्टीन सेंटर धीरे-धीरे खाली होने लग गए थे, लेकिन १५ दिन में स्थिति फिर गड़बड़ा गई और मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इधर, जिन लोगों को होम क्वॉरन्टीन किया था, उनकी संख्या घट गई है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रशासन ने क्वॉरन्टीन सेंटर की व्यवस्था की थी, जिसमें पॉजिटिव आने वाले मरीजों के परिजन व पड़ोसियों को रखा जाता है। इंदौर में ऐसे ४६ सेंटर बनाए थे, जो एक समय भरे थे, लेकिन मई की शुरुआत में २० ही रह गए थे। चार दिन पहले घटकर इनकी संख्या १७ हो गई थी। चार दिन में फिर मरीजों की संख्या बढऩे के बाद सेंटरों पर भी आंकड़े में उछाल आया है।
967 पर पहुंच गया आंकड़ा
शुक्रवार को क्वॉरन्टीन सेंटरों पर रहने वालों का आंकड़ा ९६७ पर पहुंच गया। संख्या बढऩे की वजह से १७ सेंटर से आंकड़ा २८ सेंटर पर जा पहुंचा है। शुक्रवार को १८३ लोगों को सेंटरों पर भेजा गया। इसके हिसाब से अब तक इंदौर में ३७४८ लोगों को सेंटर में क्वॉरन्टीन किया गया, जिसमें से ५०३ को पॉजिटिव आने के बाद रेड अस्पताल में भर्ती किया गया।
वहीं, २०९५ की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद घर भेज दिया गया। इसके अलावा १८२६ लोगों को घरों में क्वॉरन्टीन किया गया था। इसमें से ११२७ की समय अवधि खत्म हो गई है, जिन्हें मुक्त कर दिया गया। इनमें से कई लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद अस्पाताल में भर्ती भी किया गया।
Updated on:
16 May 2020 12:33 pm
Published on:
16 May 2020 12:33 pm
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