रेलवे पार्सल विभाग में जबरदस्त भ्रष्टाचार, विजिलेंस का छापा

रेलवे पार्सल विभाग में जबरदस्त भ्रष्टाचार, विजिलेंस का छापा

Amit Mandloi | Updated: 18 Jan 2018, 04:18:04 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

रेलवे पार्सल विभाग में मनमानी, 1800 रुपए फीस, 2500 रुपए में भेज रहे थे बाइक

पार्सल रूम में विजिलेंस ने मारा छापा, ग्राहक बनकर टीम ने की धरपकड़

इंदौर. रेलवे स्टेशन के पार्सल रूम में पार्सल भेजने के नाम पर बाहरी तत्वों द्वारा की जाने मनमानी वसूली को लेकर लगातार शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसे लेकर हाल ही में जब मुंबई स्थित विजिलेंस विभाग को शिकायत हुई तो टीम ने दबिश देकर एक बाहरी युवक को पकड़ा है। उक्त युवक के खिलाफ विजलेंस की शिकायत पर आरपीएफ पुलिस ने कार्रवाई की है।

विजिलेंस की टीम को इंदौर स्टेशन पर पार्सल रूम में सामान भेजने के एवज में लिए जाने वाले मनमाने शुल्क को लेकर किसी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। इस पर तीन सदस्यीय टीम बुधवार सुबह पार्सल रूम पर ग्राहक बनकर पहुंची। यहां टीम ने एक पार्सल रूम के बाहर खड़े एक युवक लक्की पिता मो. जमीन खान निवासी साउथतोड़ा से दो पहिया वाहन को इंदौर से पटना भेजने की जानकारी ली। इस पर युवक लक्की ने उन्हें २५०० रुपए में वाहन को भेजने की बात कहीं। इस पर टीम ने उक्त युवक को पकड़ लिया। इसी बीच विजिलेंस टीम के छापे की खबर फैलने की वजह से वहां खड़े अन्य बाहरी तत्व भाग खड़े हुए। विजिलेंस की टीम ने उक्त युवक को दबोच कर आरपीएफ पुलिस के हवाले कर दिया। आरपीएफ टीआई जेआर यादव ने बताया कि विजिलेंस की टीम जो काम करने आई थी, वह नहीं कर पाई है। सिर्फ एक युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। उक्त युवक द्वारा वाहनों को पैक किया जाता था। युवक के खिलाफ शिकायत पर १४५ बी के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां उसे १५०० रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।


लोकेशन सर्वे, 97.99 करोड़ में होगा इलेक्ट्रिफिकेशन होगा

इंदौर. वर्ष 2020 में लक्ष्मीबाईनगर से फतेहाबाद और रतलाम तक ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से दौडऩा शुरू हो जाएगी। बजट में मंजूरी और एक लाख का टोकन अमाउंट मिलने के बाद रेलवे ने फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा कर लिया है। इसमें ओवर हेड इलेक्ट्रिकल लाइन, उसमें बिजली सप्लाई के लिए सब स्टेशन सहित अन्य लोकेशन चयनित की हैं।
टीआरडी (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) विभाग से नो-ड्यूज मिलते ही रेलवे इलेक्ट्रिक विभाग टेंडर जारी कर देगा। मई में इलेक्ट्रिफिकेशन का काम शुरू हो जाएगा। इंदौर से लक्ष्मीबाईनगर और रतलाम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक व दो से होकर भक्तन की बावड़ी तक इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है। अब सिर्फ बीच के 115 किमी का रेल खंड बाकी है, जिसके इलेक्ट्रिफिकेशन पर 97.99 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उधर, रतलाम-नीमच रेल खंड का इलेक्ट्रिफिकेशन चल ही रहा है, सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो तीन साल बाद इंदौर से नीमच तक इलेक्ट्रिक इंजन दौडऩे लगेंगे।

यह फायदा होगा

- यात्री व मालगाडि़यों को इलेक्ट्रिक इंजिन से चलाया जाएगा।
- रफ्तार बढऩे से ट्रेनों का मूवमेंट भी बढ़ेगा।

- इस सेक्शन में चार जोड़ी डेमू (डीजल मल्टीपल यूनिट) को ईएमयू (इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट) में बदल सकेंगे।

रतलाम-नीमच का इलेक्ट्रिफिकेशन शुरू हो चुका है। लक्ष्मीबाईनगर से रतलाम तक के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए लोकेशन सर्वे सहित अन्य कार्रवाई चल रही है। आगामी तीन वर्ष में पूरे सेक्शन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाएगा।
- जेके जयंत, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी

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