रजिस्ट्रारों ने युवा वकील की कलेक्टर से कर दी शिकायत, कुछ दिन बाद उसकी हो गई मौत

रजिस्ट्रारों ने युवा वकील की कलेक्टर से कर दी शिकायत, कुछ दिन बाद उसकी हो गई मौत
रजिस्ट्रारों ने युवा वकील की कलेक्टर से कर दी शिकायत, कुछ दिन बाद उसकी हो गई मौत

Hussain Ali | Updated: 12 Oct 2019, 03:05:33 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

खबर मिलते ही भडक़ गए साथी वकील, मौत के कारणों की जांच की कर दी मांग

इंदौर. एक दस्तावेज को लेकर सब रजिस्ट्रार से युवा वकील का विवाद हो गया था। बवाल इतना बढ़ गया कि सब रजिस्ट्रारों के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को जनसुनवाई में ज्ञापन तक दे दिया। कल अचानक वकील की तबीयत खराब हो गई और रात को मौत हो गई। खबर मिलने के बाद से वकील भडक़े हुए हैं, जो अब मौत के कारणों की जांच कराने की बात कर रहे हैं।

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सब रजिस्ट्रारों का एक प्रतिनिधि मंडल 1 अक्टूबर मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से मिला था। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व सब रजिस्ट्रार यूनियन के नेता दुष्यंत दीक्षित कर रहे थे। शिकायत के दौरान सब रजिस्ट्रारों ने वकील बीएल पंडागरे (35) की शिकायत की थी। सब रजिस्ट्रर वीएल मंडलोई का कहना था कि भगतसिंह नगर के एक दानपत्र को लेकर वकील पंडागरे ने विवाद किया। मामले में वकील के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसको लेकर कलेक्टर जाटव ने एसडीएम को जांच सौंप दी। इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय के वकीलों ने भी मोर्चा खोल दिया था, तब रजिस्ट्रार बालाकृष्ण मोरे ने सब रजिस्ट्रार व वकीलों की बैठक कराके मामले को खत्म करने का प्रयास किया।

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कहीं मेरे खिलाफ कार्रवाई न हो जाए

उन्होंने सब रजिस्ट्रारों को यहां तक कहा कि पहले मुझसे शिकायत करनी था फिर जनसुनवाई में जाते। इधर, वकीलों ने भी पंडागरे को समझा दिया था, लेकिन उन्हें डर सताने लग गया था कि कहीं मेरे खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाए। मेरे सर्विस प्रोवाडर का लाइसेंस निरस्त हो जाएगा, तब से वे तनाव में रहने लगे थे। परसों अचानक शुगर की बीमारी सामने आई तो कल उन्हें चोइथराम अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां रात को मौत हो गई।

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जैसे ही ये खबर वकीलों तक पहुंची, वे भडक़े हुए हैं। कुछ ने पंडागरे का पीएम कराने तक की बात की। जिला पंजीयक अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने साफ कर दिया कि अप्रत्यक्ष तौर पर पंडागरे की हत्या है। मानसिक तौर पर उन्हें प्रताडि़त किया जा रहा था। इसका लोकर आज सभी वकील मिलकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।

यह है पूरा विवाद?

गौरतलब है कि सरकार ने ई रजिस्ट्री लागू करने के बाद सर्विस प्रोवाइडरों को काम सौंप दिया था। वे ही दस्तावेज तैयार करते थे, जिन्हें पेश किया जाता था। वकील नहीं होने की वजह से तकनीकी जानकारी नहीं रहती है। इसी प्रकार की गड़बड़ी वकील पंडागरे के साथ भी हुई। ऑपरेटर ने लिखा-पढ़ी में चूक कर दी। नियमानुसार वकील व सर्विस प्रोवाइडर पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसका ही वकील को डर सता रहा था।

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