पहले शहर को बनाया नं 1, अब वसूली कर रही महापौर

पहले शहर को बनाया नं 1, अब वसूली कर रही महापौर

Amit S. Mandloi | Publish: Mar, 14 2018 08:10:10 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

अधिकारी लेकर गए थे 55 करोड़ का हिसाब, महापौर ने दे दिया 100 करोड़ का लक्ष्य

वसूली के लिए महापौर ने दिखाई सख्ती

इंदौर. आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही नगर निगम में वेतन बांटने के भी लाले पड़ रहे हैं। निगम की इस स्थिति के चलते मंगलवार को महापौर मालिनी गौड़ का गुस्सा फट पड़ा। निगम के राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए महापौर ने अफसरों को यहां तक कह दिया कि जब निगम के स्वास्थ्य विभाग, वर्कशॉप जैसे विभाग सुधर सकते हैं, तो आप लोग क्यों नहीं सुधर रहे। शहर के विकास में आप लोग क्यों योगदान नहीं दे रहे हैं।

महापौर सचिवालय पर हुई इस समीक्षा बैठक में निगम राजस्व विभाग के सभी अफसरों के साथ महापौर ने समीक्षा बैठक ली। इस दौरान निगम के अधिकारी अगले 15 दिनों में 55 करोड़ रुपए की वसूली के लक्ष्य लेकर पहुंचे थे। महापौर ने जोनवार समीक्षा शुरू की। इस दौरान अफसरों ने उनकी वसूली की स्थिति और 31 मार्च तक होने वाली वसूली की स्थिति भी बताई। अफसरों ने महापौर को बताया कि पिछले साल से अभी तक 40 करोड़ रुपए की अधिक वसूली की जा चुकी है। बैठक में महापौर ने सभी अफसरों के सामने उनके जोनवार बड़े और पुराने बकायादारों की सूची रखते हुए सीधा सवाल किया कि इन लोगों से वसूली क्यों नहीं हो पा रही है? महापौर ने कहा, इन बकायादारों से ही 400 करोड़ से ज्यादा की वसूली करनी है। इसमें से 100 करोड़ रुपए की कम से कम वसूली की जाए। जोनवार बकायादारों की लिस्ट भी उन्होंने सभी अफसरों को सौंपी। मंगलवार को हुई बैठक में महापौर ने साफ कर दिया, अब केवल बड़े और पुराने बकायादारों से की गई वसूली को ही उनकी वसूली माना जाएगा।

5 मार्च को होगी समीक्षा
बैठक में महापौर ने साफ कहा कि वे 5 मार्च को एक बार फिर से वसूली की समीक्षा करेंगी। किसी की वसूली कम हुई तो उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने वसूली पर नजर रखने के लिए एक सिस्टम भी तैयार किया है, जिसमें प्रतिदिन अपर आयुक्त राजस्व को वसूली की समीक्षा करने और निगमायुक्त को हर तीसरे दिन वसूली की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।

२०० करोड़ बकाया

फरवरी माह में वसूली नहीं होने के कारण निगम ने बड़ी मुश्किल से पांच मार्च को वेतन बांटा। वहीं, ठेकेदारों को निगम पेमेंट नहीं कर पा रहा है। निगम पर लगभग 200 करोड़ से ज्यादा की राशि बकाया हो चुकी है।

सभी अफसरों को पुरानी वसूली पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा है। हम जितना काम कर रहे हैं, उसके हिसाब से वसूली नहीं हो पा रही है। ऐसे में वसूली नहीं करने वालों को अब सजा दी जाएगी।
- मालिनी गौड़, महापौर

 

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