आशियाने उजाडने  में अफसरों की मनमर्जी बनी विवाद का कारण; रहवासी परेशान

कहीं निशान से ज्यादा हटा दिया, तो कहीं दो-दो फीट जगह ही छोड़ दी।

इंदौर. महू नाका से टोरी कॉर्नर तक की सड़क को 80 फीट चौड़ी करने के लिए नगर निगम ने गुरुवार को लोहारपट्टी के हिस्से में 85 बाधक निर्माण हटाए। कार्रवाई के दौरान निगम अफसरों पर पक्षपात के आरोप लगे। टीम ने कई मकानों और दुकानों का निशान से ज्यादा हिस्सा तोड़ दिया, जबकि दूसरी ओर कई मकान और दुकान ऐसे थे, जिनके निशान के पहले ही दो फीट तक की जगह छोड़ दी गई।

lohar patti

निगम की टीमों ने गुरुवार सुबह टोरी कॉर्नर और खंडेलवाल धर्मशाला के हिस्से से रिमूवल की कार्रवाई शुरू की। खंडेलवाल धर्मशाला को तोडऩा शुरू किया तो पदाधिकारी अगला हिस्सा खुद तुड़वाने की बात कहने लगे। सहायक रिमूवल अधिकारी वीरेंद्र उपाध्याय और सहायक हेमंत शिंदे ने इसे नजरअंदाज कर दिया। टोरी कॉर्नर की ओर जैन मंदिर से लगी दुकानों को निशान से ज्यादा तोड़ते हुए लगभग खत्म कर दिया। कांग्रेस नेता ओमप्रकाश गिरि की होटल को तीन फीट का नोटिस देकर 10 फीट से ज्यादा तोड़ दिया गया। इस पर गिरि परिवार के साथ रहवासी भी भड़क गए। विरोध कर रहे भाजपा नेता प्रिंसपाल टोंग्या अफसरों से भिड़ गए व धमकाने लगे। सीएसपी गुरुकरणसिंह और अन्य पुलिस अफसर मूकदर्शक बने रहे। 

इसी दौरान अपर आयुक्त देवेंद्रसिंह यहां पहुंचे। उन्होंने टोंग्या को हटाने की कोशिश की। विवाद बढऩे पर निगम कर्मचारियों और टोंग्या के बीच हाथापाई हो गई। 15 मिनट चले विवाद के बाद निगम ने गिरि की होटल पर दो पोकलेन से कार्रवाई की। दो टीमें आगे के हिस्से में कार्रवाई करती रही। इन टीमों ने जमातखाने और अन्य निर्माण हटा दिए। इसके आगे के हिस्से में मकानों के आगे के हिस्से को हल्का सा तोड़कर छोड़ दिया। हालात ये थे कि अफसर निशान से दो फीट आगे तक के हिस्से में कार्रवाई कर आगे बढ़ते रहे।
"जो निशान लगाए गए थे, उसके हिसाब से ही पूरी कार्रवाई की गई है। कुछ मकानों का खतरनाक स्थिति की आशंका के चलते कुछ हिस्सा छोड़ा है"- उमेश पाटीदार, भवन निरीक्षक

हम तोड़ लेंगे... कहा तो छोड़ दिया
कई जगह लोग अफसर और रिमूवल टीमों के आसपास जमा हो गए। ये लोग भवन अधिकारी पीएस कुशवाह, भवन निरीक्षक उमेश पाटीदार, वैभव देवलासे से कह रहे थे कि आप सिर्फ सामने का हिस्सा हटा दीजिए, बाकी का हिस्सा हम तोड़ लेंगे। अफसरों ने इन्हें बगैर कार्रवाई छोड़ दिया। इनमें अधिकांश ड्रम बेचने वाले दुकानदार थे।

हथौड़ों से तोड़े बाधक निर्माण
जैन धर्मशाला के हिस्से की ओर ड्रेनेज लाइन डालने का काम चल रहा है। इसके चलते यहां मकानों के आगे 20 फीट चौड़े और 10 फीट गहरे गड्ढे खुदे हुए हैं। यहां मशीनों से कार्रवाई संभव नहीं थी, इसलिए टीम ने हथौड़ों से बाधक निर्माण तोड़ दिए। वहीं दूसरी ओर सड़क की जद में आ रही धर्मस्थल पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की है। 
200 अफसर-कर्मचारी लगे कार्रवाई में
200 पुलिस जवान भी रहे तैनात
01 एएसपी के साथ तीन सीएसपी और पांच टीआई भी रहे शामिल
04 पोकलेन कर रही थी तोडफ़ोड़
amit mandloi
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