इंदौर में लॉकडाउन में लूट

- इंदौर की प्राइम पार्क कॉलोनी में दिनदहाड़े वारदात

- घर में घुसे बदमाशों ने सेवानिवृत अफसर पर किया हमला
- खिड़की तोड़कर अंदर गए व कीमती सामान ले भागे

- पुलिस-प्रशासन की सख्ती की खुली पोल

By: Manish Yadav

Published: 20 Jul 2020, 11:30 AM IST

इंदौर. लॉकडाउन के दौरान कल इंदौर में लूट की वारदात हो गई। तेजाजी नगर थाना क्षेत्र की प्राइम पार्क कॉलोनी में बदमाश चोरी की नीयत से सेवानिवृत अफसर के घर में घुसे, जब वे जागे तो उन पर हमला कर दिया। उनके साथ में मारपीट की गई। इस मारपीट में उन्हें गभीर चोट आई है। उनका इलाज चल रहा है। यह सब उस समय हुआ, जब शहर में लॉकडाउन लगा हुआ था और किसी के भी बाहर निकलने पर पाबंदी थी। पुलिस-प्रशासन की सख्ती के दावों की इन लुटेरों ने पोल खोल कर रख दी।

पुलिस के अनुसार कैलाश पिता नारायण शर्मा निवासी प्राइम पार्क की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। वह ऑयल और सीड रिफाइनरी में एरिया मैनेजर के पद से रिटायर हुए हैं। उनके बेटे ने बताया कि पिता घर के निचले कमरे में सो रहे थे। वह, पत्नी और बच्चों के साथ ऊपरी मंजिल स्थित कमरे में सो रहे थे। कल दोपहर तीन बदमाश खिड़की की ग्रिल उखाड़कर अंदर घुस आए थे। बदमाश सीधे उनके पिता के कमरे में पहुंचे। दरवाजा खुला हुआ था। इसके चलते बदमाशों को परेशानी नहीं हुई। बदमाशों ने अंदर सामान तलाशना शुरू किया तो उनके पिता जाग गए। इस पर एक बदमाश ने बल्ली से हमला कर दिया। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। इसके बाद उन्हें कब्जे में लिया और इसके बाद एक-एक करके घर के कमरों की तलाशी ली और वहां से सारा सामान समेटकर भाग गए।

बदमाशों के भागने के बाद बेटे व परिजन को वारदात का पता चला तो पिता को अस्पताल ले कर पहुंचे। अभी उनका इलाज चल रहा है। वह अभी यह देख नहीं पाए हैं कि बदमाश घर से कितना सामान लेकर भागे हैं। पिता को अस्पताल भेजने के बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घर में चोरों द्वारा मारपीट करने की बात सामने आने के बाद पुलिस का दल भी पहुंच गया था। एफएसएल के दल ने भी वहां पर जांच की। उनके घर के पास में कोई मकान नहीं है, इसके चलते पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने रैकी करने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया है।

लॉकडाउन में लूट

बेटे को अंदर बंद कर दिया

बेटे अंकित के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। इसके चलते उसके कमरे में वह घुस नहीं पाए। वह बाहर आकर शोर न मचाए, इसलिए कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद आसपास के कमरों से कीमती सामान तलाशा। बदमाशों के भागने के बाद जब कैलाश शर्मा ऊपर बेटे को देखने के लिए गए तो कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। इस पर उन्होंने बेटे को उठाया और वारदात के बारे में बताया, तब जाकर बेटे को इस घटना के बारे में पता चला।
निमाड़ी भाषा बोल रहे थे

बदमाशों ने वैसे तो ज्यादा कुछ बोला नहीं है, लेकिन उनमें से एक निमाड़ी भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। वृद्ध के सिर पर बल्ली से मारने के बाद उन्हें वहीं पर चुपचाप बैठे रहने के लिए बोला। नहीं तो अच्छा नहीं होने की बात कहकर डरा दिया था। भाषा के कारण पुलिस को आसपास के इलाके के ही बदमाशों के होने की आशंका है। वारदात के बाद से परिवार डरा हुआ है। बदमाशों द्वारा तोड़ी गई खिड़की भी उन्होंने कल ही ठीक करा ली।

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Manish Yadav Reporting
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