आरटीओ अमला गहरी नींद में,शहर में दौड़ रही रेट्रो साइलेंसर बुलेट बाइक

आरटीओ अमला गहरी नींद में,शहर में दौड़ रही रेट्रो साइलेंसर बुलेट बाइक

Reena Sharma | Updated: 14 Jul 2019, 08:30:01 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

बुलेट से बंदूक व पटाखे जैसी आवाज, नियमों का नहीं हो रहा पालन, अफसर नहीं करते खरीदार व दुकानदार पर कार्रवाई

इंदौर . आरटीओ अमला गहरी नींद में है, तभी तो उसे सड़क पर बम-गोली की कानफाड़ू, दिल दहला देने वाली आवाजें निकालते वाहन चालक नजर नहीं आते। कुछ युवा बुलेट वाहन में रेट्रो साइलेंसर लगवा कर धड़ल्ले से सड़क पर आतंक मचा रहे हैं, लेकिन कोई धरपकड़ नहीं हो रही। आरटीओ के नियम कहीं तेज आवाज में टूट रहे हैं तो कहीं मॉडिफाइड वाहन अफसरों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। अफसर हैं कि एसी कक्षों से बाहर आकर कार्रवाई करने से बच रहे हैं।

कुछ वर्षों से शहर में दौड़ रही बुलेट बाइक में अवैध रूप से रेट्रो साइलेंसर लगाए जा रहे हैं । इनसे बम या बंदूक की गोली चलने जैसी आवाज निकलती हैं। बीच सड़क पर युवा तेजी से गाड़ी दौड़ाते हुए यह आवाज निकालते हैं, जिससे आस-पास के वाहन चालक असंतुलित हो जाते हैं। ऐसे में हादसा होने का भी डर बना रहता है।

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कमिश्नर के निर्देश हवा

कुछ समय पहले ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने निर्देश जारी किया था, जिसमें नियमों का हवाला देकर आरटीओ को सख्ती दिखाने के लिए कहा था। केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम-120 और मप्र मोटरयान नियम 1994 के नियम-185 के अनुसार निर्धारित ध्वनि मानक से अधिक ध्वनि वाले हॉर्न, भोंपू और बहुध्वनि हार्न का न तो विक्रय किया जाए और न ही मैकेनिक इन्हें गाडिय़ों में लगाएं। इसके साथ ही तेज आवाज वाले साइलेंसर, जिनसे पटाखे व बंदूक जैसी आवाजें निकलती हैं, का भी विक्रय न किया जाए। ऐसा होने पर खरीदार के साथ ही दुकानदार व मैकेनिक पर भी कार्रवाई प्रस्तावित है।

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बर्दाश्त नहीं कर सकते आवाज

कंपनी से मिलने वाले बुलेट आदि बाइक का साउंड मापदंड के लिहाज से होता है, ताकि अन्य वाहन चालकों को परेशानी न हो, लेकिन युवा इसे मॉडिफाइड करवा कर 'धूम' मचाने वाला करवाते हैं। इस साउंड को कोई भी व्यक्ति ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर सकता।

दिल के मरीजों की जा सकती जान

शहर के डॉक्टरों का मानना है कि बुलेट में लगाए जा रहे रेट्रो साइलेंसर की आवाज से दिल के मरीजों की जान भी जा सकती है। टैक्सी चालक भी वाहनों में तेज आवाज वाले टेप रिकार्डर लगा कर घूम रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

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बिक रहे 4 से 5 हजार में

ग्वालटोली, छावनी, चंदन नगर, बड़ा गणपति आदि जगहों पर बाइक मॉडिफिकेशन करने वाले दुकानदारों का कहना है कि ऐसे साइलेंसर 4 से 5 हजार रुपए में मिलते हैं। बाइक में जब ऐसे साइलेंसर लगाए जाते हैं तो उससे गोली जैसी आवाज पैदा करने का एक स्विच होता है, जिसे ऑन-ऑफ करने पर बम फटने या गोली चलने जैसी आवाज निकलती है।

ध्वनि प्रदूषण से जीना *****

बुलेट में प्रतिबंधित रेट्रो साइलेंसर लगाने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। देर रात तक चलने वाले ऐसे वाहनों से अधिकांश लोग परेशान हैं। इनसे ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। जब ये वाहन कॉलोनियों या मोहल्ले से गुजरते हैं तो लोगों की नींद ***** हो जाती है। रोगी, बुजुर्ग या नवजात तो बुरी तरह घबरा जाते हैं।

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