काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों को हटाया, तो मच गया भाजपा में बवाल

भाजपा अजा मोर्चा की गरमाई राजनीति, संगठन मंत्री को लिखा खत, अध्यक्ष को भी बताएंगे

By: Mohit Panchal

Published: 12 Feb 2020, 11:05 AM IST

इंदौर। काम नहीं करने पर भाजपा अजा मोर्चा अध्यक्ष ने महामंत्री, उपाध्यक्ष सहित डेढ़ दर्जन पदाधिकारियों को मुक्त कर दिया, जिस पर बवाल खड़ा हो गया। नगर निगम चुनाव के पहले निष्क्रियता का ठप्पा लगने से नाराज नेता अब लामबंद हो रहे हैं। महामंत्री ने संगठन को शिकायत शिकायत की है। इधर, अध्यक्ष ने भी पूरा इतिहास तलाश लिया है, जो अब संगठन मंत्री के सामने रखा जाएगा।

मोर्चा अध्यक्ष राजेश शिरोडकर ने हाल ही में पदाधिकारियों को हटा दिया। इनमें महामंत्री राजेश वर्मा, उपाध्यक्ष संजू सिलावट, भरतसिंह खस, गोलू सोनकर, पंकज जाटव, टीनू चौहान, छज्जू रंगारी, मोहन परदेशी सहित छह मंत्री कोषाध्यक्ष दीपक वर्मा व कार्यालय मंत्री सुनील जाटवा प्रमुख हैं। इसके बाद मोर्चा की राजनीति में हड़कम्प मच गया। अब सभी संभागीय संगठन मंत्री जयपाल सिंह चावड़ा व नगराध्यक्ष गोपी नेमा से मिलेंगे।

इधर, महामंत्री वर्मा ने तो अध्यक्ष की ही शिकायत कर डाली। कहना है कि बिना संगठन को जानकारी दिए वे कार्यक्रम रख लेते हैं। ऐसा काम दिया जाता है, जिसमें पैसा लगता है। मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वे मोर्चा पदाधिकारी का गलत उपयोग करते हैं। इसकी जानकारी शिरोडकर को लगी, अब वे वर्मा का इतिहास संगठन के सामने रखेंगे। लेन-देन के मामलों की जानकारी संगठन को दी जाएगी। वर्मा ने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके कारणों का भी खुलासा किया जाएगा।

विवाद होने पर हटाया
महामंत्री राजेश वर्मा झूठे आरोप लगा रहे हैं, जबकि उन पर कई आर्थिक मामले चल रहे हैं। कर्ज के चक्कर में फांसी तक लगा चुके हैं। उन पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ तो हमने मौखिक रूप से पद मुक्त कर दिया था। इसके बावजूद महामंत्री पद का उपयोग कर रहे थे, इसलिए हटाया। कुछ पदाधिकारी निष्क्रिय थे।
राजेश शिरोडकर, अध्यक्ष, अजा मोर्चा

BJP
Mohit Panchal Reporting
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