हिस्ट्रीशीटर संजय यादव को घेराबंदी कर पुलिस ने देसी कट्टे और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा

गोवा, महाराष्ट्र सहित मध्यप्रदेश के कई शहरों में काटी फरारी

सेंधवा. नौ महीने से फरार चल रहे सेंधवा नगर पालिका अध्यक्ष बसंती यादव के हिस्ट्रीशीटर बेटे संजय यादव को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। संजय यादव अपने साथी रामस्वरुप पिता ईश्वर चौधरी (23)के साथ जुलवानिया-राजपुर मार्ग पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ा। उसके पास से एक देशी कट्टा, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस मिले। वहीं उसके साथी के पास भी 12 बोर का कट्टा और दो जिंदा कारतूस मिले। संजय से पुलिस से बचने के लिए भागने का भी प्रयास किया। संजय के ऊपर 50 से ज्यादा केस दर्ज हैं। उसे शनिवार को राजपुर न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
मामले का खुलासा करते हुए शनिवार को पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने बताया कि संजय यादव की तलाश पुलिस पिछले दस माह से कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने उसके सेंधवा स्थित घर के साथ ही उसके ठिकानों पर भी दबिश दी थी। पुलिस ने महाराष्ट्र के कई शहरों में भी उसकी तलाश की लेकिन हर बार संजय पुलिस से बच निकला। शुक्रवार को संजय यादव और उसका साथी रामस्वरुप (23) पिता ईश्वर चौधरी निवासी सेंधवा की लोकेशन पुलिस को मिली। इस दौरान पुलिस ने वाहन चेकिंग अभियान जुलवानिया-राजपुर रोड पर चलाया। यहां एडिशनल एसपी सुनीता रावत के नेतृत्व में राजपुर पुलिस ने घेराबंदी की। तभी संजय यादव अपने वाहन के साथ वहां पहुंचा। उसे पुलिस ने धरदबोचा। इस दौरान संजय ने वहां से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार ने बताया कि संजय यादव पर १० हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। प्रशासन ने उस पर रासुका की कार्रवाई भी की थी। संजय पर विभिन्न धाराओं के तहत करीब 50 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या करवाने, आम्र्स एक्ट और लोगों के साथ मारपीट करने के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने संजय यादव को एनएसए की कार्रवाई के तहत शनिवार को जेल भेज दिया। एडिशनल एसपी सुनीता रावत ने बताया कि अन्य मामलों में पूछताछ करने के लिए प्रोटेक्शन वारंट पर उसकी रिमांड ली जाएगी।
भोपाल से मिले थे निर्देश
वर्तमान कांग्रेस सरकार के दौरान माफियाओं के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई के दौरान जिले में भी ये बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले को लेकर भोपाल से जिले में पुलिस पदाधिकारियों को इस हिस्ट्रीशीटर भाजपा नेता संजय यादव को जल्द पकडऩे के विशेष निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पिछले दो माह से आरोपी संजय की तलाश में पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई थी। पिछले महीने संजय के सेंधवा आने की सूचना पर एएसपी ने उसके घर दबिश दी और उसके गुर्गों को हिरासत में लिया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसे पकडऩे के प्रयास में लगी हुई थी।
दो साल पूर्व हुआ था भाजपा में शामिल
संजय यादव और उसके भाई जीतू यादव ने दो साल पहले भाजपा का दामन थामा था। उस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने उसे भाजपा की शपथ दिलाई थी। इसके बाद संजय यादव की मां ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा। इस चुनाव में नगर पालिका अध्यक्ष पद की सीट निर्विरोध जीतने के बाद ये मामला भी काफी सुर्खियों में रहा था। संजय यादव की गुंडागर्दी के खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस समय संजय यादव की मां बसंतीबाई यादव के सामने 6 प्रतिद्वंदी मैदान में थे। इनमें से सभी ने अपने नामांकन फार्म वापस ले लिए थे। इस कारण ये सीट निर्विरोध भाजपा के खाते में आ गई।

रमेश वैद्य Desk
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