इंदौर पुलिस ने पकड़ा सट्टे का डॉन, 15 मुल्कों की पुलिस को थी तलाश

इंदौर पुलिस ने पकड़ा सट्टे का डॉन, 15 मुल्कों की पुलिस को थी तलाश
satta king

Amit Mandloi | Publish: May, 18 2017 10:24:00 AM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

 सालाना 200 करोड़ रुपए का सट्टा कारोबार करने वाला सट्टा किंग मुंबई स्थित आलीशान फ्लैट के खुफिया रास्ते के जरिये पुलिस को चकमा देने की फिराक में था, लेकिन धरा गया।

इंदौर. विश्व के 15 देशों समेत भारत के 7 राज्यों में ऑनलाइन सट्टे से लोगों को सैकड़ों करोड़ की चपत लगाने वाले फरार इनामी सट्टा किंग रमेश पिता लख्खूलाल चौरसिया को इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसके मुंबई स्थित निवास से मंगलवार को पकड़ा। इसे बुधवार इंदौर लाया गया। 

ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में आरोपित की बेपनाह संपत्ति का पता चला है। सालाना 200 करोड़ रुपए का सट्टा कारोबार करने वाला सट्टा किंग मुंबई स्थित आलीशान फ्लैट के खुफिया रास्ते के जरिये पुलिस को चकमा देने की फिराक में था, लेकिन धरा गया।

एएसपी क्राइम ब्रांच अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन सट्टा किंग व 20 हजार के फरार इनामी रमेश को 3701 सी ब्लॉक लोधा ब्लॉसिम्स लोवर परेल मुंबई से स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। रमेश ने कबूला कि उसका ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क 15 देश व भारत के 7 राज्यों में फैला है। इसके जरिये वह सालाना 200 करोड़ का कारोबार करता है।

ग्राहक की हार तय

रमेश ने ऐसा सॉफ्टवेयर बनवाया था, जिसमें सट्टा लगाने वाले ग्राहक की हार निश्चित होती थी। उसने कई मास्टर आईडी बनाकर तमाम एजेंटों को दी थीं, जो रोजाना 5 करोड़ रुपए से अधिक का सट्टा लगवाते थे। पुलिस अब एजेंटों की तलाश में जुट गई है।

आलीशान फ्लैट में पुलिस से बचने के लिए लिफ्ट के साथ बना रखा था खुफिया रास्ता
सट्टा किंग रमेश पिता लख्खूलाल चौरसिया का फ्लैट में किसी भूलभुलैया से कम नहीं था। मुंबई पहुंची पुलिस टीम को पता चला, वह 48 मंजिला बिल्डिंग के 37वें माले पर आलीशान फ्लैट में परिवार के साथ रहता है। पुलिस से बचने के लिए उसने बिल्डिंग व फ्लैट के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। कर्मचारी भी तैनात किए थे, जो उसे आने-जाने वालों की जानकारी देते थे। क्राइम ब्रांच ने स्थानीय पुलिस की मदद से घेराबंदी कर फ्लैट में दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसने फ्लैट में खुफिया लिफ्ट बनवा रखी थी, जो सीधे पार्किंग में खुलती थी। इसी लिफ्ट के जरिए रमेश भागा, लेकिन बिल्डिंग के निचले हिस्से में तैनात टीम ने धरदबोचा। स्थानीय पुलिस को भनक नहीं थी कि उनके इलाके में देश का सबसे बड़ा सट्टा किंग एशो-आराम से फरारी काट रहा था।

रमेश ने 1976 में मुंबई के हिंदुजा कॉलेज से बी.कॉम प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की। फिर एक छोटा स्कूल खोला, जहां बच्चों को वीडियो गेम खिलाना शुरू किया। कारोबार बढ़ाते हुए एक खास सॉफ्टवेयर बनवाया और 1996 में चौरसिया लीजिंग एंड फाइनेंस प्रालि कंपनी खोल करोड़ों कमाए। इसके बाद रिकनेक्ट टेक्नोलॉजी और गेम प्रालि रजिस्टर करवा ली।
 हाल में उसने गेम किंग इंडिया प्रालि का मुंबई में ऑफिस खरीदा। फिलहाल कंपनी का ऑफिस 216, सेकंड फ्लोर लोवर परेल मुंबई में है, जहां से वह देश-विदेश में ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था। इस काम के लिए उसने 15 कर्मचारी रखे हैं, जिसमें परिजन भी शामिल हैं। 

जून में हुआ था खुलासा

एएसपी सिंह ने बताया, क्राइम ब्रांच को जून 2016 में ऑनलाइन सट्टे की शिकायत मिली थी। टीम ने जांच के रमेश के रिश्तेदार राहुल चौरसिया को गिरफ्तार किया था। तभी से रमेश फरार था। छह माह पूर्व उसके खिलाफ 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, जो अब बढ़ाकर 20 हजार रुपए किया गया था। फिलहाल पुलिस ने रमेश को आईटी एक्ट, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है।

अकसर दिल्ली रहता था

फरारी के दौरान रमेश अकसर दिल्ली में रहता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। कार्रवाई के दौरान वे घर पर नहीं थे। रमेश के पकड़े जाने की भनक लगते ही तीनों घर नहीं पहुंचे।

मोबाइल-एेप की जांच

टीम ने रमेश के पास से एक मोबाइल भी बरामद किया है। इससे उसके संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। जिस एप्लीकेशन की मदद से वह ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा था, उसकी जांच चल रही है। फिलहाल पुलिस ने उसकी बेपनाह संपत्ति पर जांच बैठाने के लिए ईडी से संपर्क करने की बात कही है।

मप्र के इन शहरों में है कारोबार

प्रदेश के इंदौर सहित उज्जैन, खंडवा, धार, दतिया, मुरैना, ग्वालियर व बड़वानी में भी रमेश ने ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क फैला रखा है। इसके संचालन के लिए एरिया मैनेजर नियुक्त किए हैं। वे इन जिलों के दुकानदारों को क्लाइंट आईडी बनाकर देते था। आईडी की मदद से 1 रुपए का 1 पाईंट बेचा जाता, जिसे दुकानदार गेम खेलने वाले ग्राहकों को देता था।

एेसे था एेप का काम

रमेश एप्लीकेशन को भरोसेमंद ग्राहकों के मोबाइल व सिस्टम में इस्टॉल करवा देता था।एप में पाइंट पाने के लिए एजेंट व दुकानदार को गेम खेलने वाला रुपए देता था। प्रति रुपए के आधार पर खेलने के लिए पाइंट मिलते थे। एेप में रोटर चलाने के लिए ग्राहक किसी एक नंबर पर दांव लगाता। गेम को खिलाने से हासिल राशि में से 10 फीसदी एरिया मैनेजर को व 50 फीसदी दुकानदार को मिलती थी। रमेश की तलाश में जालंधर, फिरोजपुर, लुधियाना  (पंजाब), मेरठ (यूपी), समता नगर, आर्थर रोड, कांदिवली (मुंबई), लक्ष्मी नगर (दिल्ली), फरीदाबाद, नोयडा सेक्टर 58,56 (हरियाणा), उल्लासनगर (नागपुर) व मप्र के कई जिलों की पुलिस थी। उसके खिलाफ सात राज्यों में 14 प्रकरण दर्ज हैं।

इधर, घर से चल रहा था आईपीएल मैच पर सट्टा

इंदौर. राऊ थाना क्षेत्र में घर में बैठकर आईपीएल सट्टा संचालित करने वाले दो लोगों को बुधवार को क्राइम ब्रांच और राऊ थाना पुलिस ने पकड़ा। रॉयल कृष्णा बंगलो स्थित एक दो मंजिला मकान में दबिश देने पर शैलेंद्र पिता चंद्रभान और अमित पिता रमेश अग्रवाल निवासी लुनियापुरा, रंगेहाथ पकड़े गए। दोनों से 14 मोबाइल, एलईडी, प्रिंटर, हिसाब के रजिस्टर व उपकरण बरामद हुए हैं। उधर, मंगलवार रात मल्हारगंज पुलिस ने बड़ा गणपति स्थित एक घर से विजय वर्मा, निर्भय वर्मा को मोबाइल फोन व कई उपकरणों के साथ पकड़ा था। मामले में फरार सतीश कुमार जैन निवासी अशोक नगर व विवेक वाधवानी निवासी पाश्र्वनाथ कॉलोनी को बुधवार को गिरफ्तार किया।

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