पुलिस से बचने के लिए जंगल में बनाते थे देशी कट्टे, पुलिस ने 2 आरोपितों को पकड़ा

सिकलीगरों से जब्त की 2 पिस्टल और एक देसी कट्टा के साथ जिंदा कारतूस

By: रमेश वैद्य

Published: 18 Feb 2020, 01:47 AM IST

सेंधवा. पुलिस ने सोमवार को जंगल में सर्चिंग कर अवैध हथियारों का कारखाना पकड़ा है। यहां देशी कट्टे और पिस्टल बनाकर प्रदेश के साथ ही देश के अन्य इलाकों में भेजे जाते थे। इस दौरान दो सिकलीगरों को भी पकड़ा गया है। उनके कब्जे से दो पिस्टल, एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस समेत हथियार बनाने के औजार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बलवाड़ी के समीप जंगल में करीब 4 किमी तक सर्चिंग की। इस अभियान में पहली बार महिला आरक्षकों को भी शामिल किया गया। सेंधवा एसडीओपी टीएस बघेल ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि सोमवार को कुछ सिकलीगर अवैध हथियार बेचने के लिए वरला रोड पर आएगा। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वरला रोड पर नाकाबंदी कर दी। थाना प्रभारी सेंधवा शहर तूरसिंह डावर के साथ उपनिरीक्षक आरके बाजपेई, महिला उपनिरीक्षक रंजना गोखले, आरक्षक दीपक, राहुल, अश्विन, रातुसिंह, अमित, राजकुमार, महिला आरक्षक वंदना, सुरभि वरला रोड पर नाकांबदी के लिए तैनात हो गए। इस दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक सिकलीगर आता दिखाई दिया। उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक 9 एमएम पिस्टल एवं 2 राउंड कारतूस मिले। उसने पूछताछ पर बताया कि एक ओर सिकलीगर यहां आया हुआ है, जो दावल बैड़ी तरफ गया है।
दावलबैड़ी में पकड़ाया दूसरा सिकलीगर
उपनिरीक्षक बाजपेई की टीम ने तत्काल दावल बैड़ी बस स्टैंड के पास पहुंचकर दूसरे सिकलीगर को दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से भी एक 9 एमएम पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला। आरोपियों ने अपने नाम सोहनसिंह पिता अजीत सिंह चावला निवासी ग्राम खैराबाद थाना सेंधवा ग्रामीण एवं सुरजीत सिंह पिता सावन सिंह भाटिया निवासी ग्राम उमर्टी थाना वरला का होना बताया। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उमर्टी के पास रांझनगांव के जंगल में वह हथियार बनाते हैं। हथियार बनाने का सामान जंगल में ही रखा हआ है। तत्काल एसडीओपी टीएस सिंह बघेल एवं थाना प्रभारी सेंधवा शहर तूरसिंह डावर, उप निरीक्षक बाजपेई द्वारा रांझनगांव जंगल में सर्चिंग की गई। आरोपी द्वारा बताए गए स्थान से एक लोहे का हस्तचलित पंखा, एक लोहे बट्टा, कट्टा, निर्माणाधीन एक पिस्टल, एक लोहे की हथौड़ी, लोहे की आरी व आरी पत्ती दो, कानस दो, लोहे की संडासी 4, लोहे की बैरल टुकड़े, 5 लोहे की गोल कानस, लोहे की छैनी व स्लाइड स्प्रिंग मिली। जिसे पुलिस ने मौके पर जब्त किया। दोनों आरोपितों को थाना सेंधवा शहर के अपराध क्रमांक 82/2020 व अपराध क्रमांक 83/2020 धारा 25, 27 आर्स एक्ट का प्रकरण आरोपी सोहनसिंह व सुरजीतसिंह के विरुद्ध पंजीबद्ध किया गया एवं प्रकरण में धारा 5 एवं 7 आर्स एक्ट बढ़ाई गई।
कमजोर धारा और कानूनी शिकंजे अवैध निर्माण का प्रमुख कारण
पुलिस और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुके उमर्टी के हथियार निर्माण में लिप्त सिकलीगरों द्वारा बनाए हथियार मप्र के साथ ही राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, दक्षिण भारत, महाराष्ट्र आदि राज्य में सप्लाय होते हैं। कई बार अन्य राज्यों के तस्कर सेंधवा के उमर्टी में हथियारों की खरीद फरोख्त के लिए आते हैं। जब भी कोई सिकलीगर पकड़ा जाता है तो आम्र्स एक्ट की विभिन्न धाराएं उस पर लगाई जाती हैं। कुछ दिन बाद उसे न्यायालय से छोड़ दिया जाता है। क्योंकि आम्र्स एक्ट कानून के जानकारों के लिए कोई विशेष धारा नहीं है। दिल्ली सहित राजस्थान की पुलिस तो विशेष टीम बनाकर सेंधवा विधानसभा में जांच के लिए आ भी चुकी है। जानकारों के मुताबिक उमर्टी सिकलीगरों द्वारा बनाई जाने वाली पिस्टल की फिनिशिंग और सर्विस इसकी मुख्य पहचान बन चुकी है। पिस्टल बनाने वाले विशेष समुदाय के लोग उमर्टी के समीप जंगलों में पिस्टल बनाने का काम करते हैं। वहीं 15 से 25000 के बीच में हथियारों को बेच दिया जाता है।

रमेश वैद्य Desk
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