सेवा सहयोग समिति कर रही बस्ती वालों को हुनरमंद, अपने पैरों पर खड़ी हो रहीं महिलाएं

Arjun Richhariya

Publish: Jan, 14 2018 12:37:19 (IST)

Indore, Madhya Pradesh, India
सेवा सहयोग समिति कर रही बस्ती वालों को हुनरमंद, अपने पैरों पर खड़ी हो रहीं महिलाएं

महिलाओं और बच्चों को संस्था ने ऐसे हुनर सीखा दिए हैं, जिससे वे न सिर्फ खुद के पैरों पर खड़े हुए हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

सेवा सहयोग समिति एक ऐसी संस्था का नाम है, जिसने शहर की बस्तियों में रहने वाले उन लोगों के उत्थान का बीड़ा उठाया है, जो संघर्षों के बीच जीवन-यापन कर रहे हैं। उन्हें संस्था मुख्य धारा में लाने की कोशिश कर रही है। महिलाओं और बच्चों को संस्था ने ऐसे हुनर सीखा दिए हैं, जिससे वे न सिर्फ खुद के पैरों पर खड़े हुए हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। इस संस्था में शहर के नामी वकील, प्रोफेसर, डॉक्टर, कारोबारी शामिल हैं। संस्था के सदस्य शहर की बस्तियों में रहने वाले लोगों के बीच जाकर उन्हें पेपर बैग, लिफाफे, ज्वेलरी और हैंडीक्राफ्ट आयटम बनाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं।

 

seva samiti

ऐसे करते हैं काम
संस्था के सक्रिय सदस्य सौरभ निगम, सुशील निगम, अमित गोयल, रागिनी माथुर, राकेश चंदेल और राधा श्रीवास्तव हैं। ये लोग पहले तो बस्तियों में जाकर वहां रहने वाले महिला-पुरुषों और बच्चों की काउंसलिंग करते हैं। फिर उन्हें रोजगार से जुडऩे के लिए प्रेरित करते हैं। लोग तैयार हो जाते हैं तो उनके सामने रोजगार के विकल्प बताकर रुचि अनुसार ट्रेनिंग देते हैं। इससे उनके कामकाज की समस्या हल हो रही है।

एक हजार लोग हुए प्रशिक्षित
संस्था की मेहनत रंग ला रही है। बस्तियों में काम करने की रुचि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं और बच्चों में देखने को ज्यादा मिल रही है। सालभर में संस्था के माध्यम से अलग-अलग बस्तियों के करीब एक हजार महिला, पुरुष व किशोर रोजगार से जुड़ी विधाओं में सक्षम हो चुके हैं। 200 महिलाएं ऐसी हैं, जो खुद का काम करके अच्छा पैसा कमा रही हैं। जो आयटम उन्होंने बनाना सीख लिए हैं, उनके ऑर्डर भी बाजार से मिल रहे हैं।

खुद जुटाते हैं साधन
बस्तियों में टे्रनिंग के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत मटेरियल की आती है। लोग भी इसलिए हिचकिचाते हैं कि उनके पास सामान बनाने के लिए कच्चा माल खरीदने के पैसे नहीं होते। शुरुआती दौर में ही संस्था ने इस परेशानी को समझ लिया और फिर खुद ही मटेरियल मुहैया करवाने लगी। इस पर जो खर्च होता है, उसे सदस्य मिलकर बांट लेते हैं।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned