मकर राशि पर होगी शनि की वक्र दृष्टि, जानिए बाकी पर क्या होंगे प्रभाव

शनि की दृष्टि से हर कोई बचना चाहता है। वेद शास्त्रों में शनि को कर्मों के हिसाब से फल देने वाले देवता के रूप में जाना जाता है।


इंदौर। शनि की दृष्टि से हर कोई बचना चाहता है। वेद शास्त्रों में शनि को कर्मों के हिसाब से फल देने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। जब इनकी दृष्टि बदलती है तो लोगों को सुख, वैभव और शांति की प्राप्ति होती है। धर्म ज्ञाताओं के अनुसार शनि इस गुरुवार से अपनी राशि परिवर्तन कर रहे हैं और इसके साथ ही मकर राशि की साढ़ेसाती शुरू हो रही है। ज्योतिर्विद पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने शनि के चाल और उनके राशि पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया। 


गुरुवार शाम 7.28 मिनट से शनि वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही तुला राशि से साढ़े साती समाप्त हो रही है। मकर राशि की साढ़ेसाती शुरू होगी। वृषभ और कन्या राशि के लोगों पर शनि का अल्पकालीन असर करने वाला ढैया शुरू होगा। शनि की चाल के अनुसार ढाई साल बाद यह मौका आता है। जब एक राशि को छोड़कर शनि दूसरी में प्रवेश करते हैं। 

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पं. वैदिक ने बताया, 'यह राशि परिवर्तन कुछ जातकों के लिए सुखद और कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगी। सबसे ज्यादा मकर राशि प्रभावित होगी। मेष, सिंह राशि ढैया से मुक्त होगी। 6 अप्रैल को शनि वक्री होकर 20 जून को पुन: वृश्चिम राशि में आएंगे। 25 अगस्त को शनि मार्गी होकर 26 अक्टूबर को पुन: धनु राशि में लौटेंगे। 23 जनवरी 2020 तक धनु राशि में रहेंगे। बुध और शुक्र प्रधान राशियां शनि की मित्र राशि है। मंगल, सूर्य, चंद्र, शनि की शत्रु राशियां है।


राशि परिवर्तन के प्रभाव

शुभ - सिंह, तुला, कुंभ, मीन
अशुभ - वृषभ, कन्या, धनु, मकर
मिश्रित - मेष, मिथुन, कर्क, वृश्चिक
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Narendra Hazare
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