#NDTV_BAN: जानिए शहर के लोगों ने सोशल मीडिया पर क्या कहा...

#NDTV_BAN: जानिए शहर के लोगों ने सोशल मीडिया पर क्या कहा...
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Kamal Singh | Publish: Nov, 06 2016 02:09:00 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के मुताबिक, शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में भेजी गई पत्र याचिका में लिखा कि बैन अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।

 
इंदौर. एनडीटीवी इंडिया के बाद सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद असम के भी एक समाचार चैनल न्यूज टाइम असम को एक दिन का प्रसारण बंद करने का आदेश जारी किया है।
इसके अलावा मंत्रालय ने एक और चैनल केयरवल्र्ड टीवी को भी  नवंबर से सात दिन के लिए बैन करने के आदेश जारी किए है। चेनल पर आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने का आरोप है। इंदौर में एनडीटीवी बैन मामले में इंदौर प्रेस क्लब के हस्तक्षेप के बाद इंदौर के लोग सोशल मीडिया पर जमकर लिख रहे है। केंद्र सरकार द्वारा चैनल एनडीटीवी पर एक दिन के बैन के खिलाफ इंदौर प्रेस क्लब ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष पत्र याचिका लगाई है। क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी के मुताबिक, शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में भेजी गई पत्र याचिका में लिखा कि बैन अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। इससे पूरा मीडिया जगत स्तब्ध है।

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आजादी और न्याय के मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अंतर-मंत्रालय समिति द्वारा एनडीटीवी इंडिया को 9 नवंबर को एक दिन के लिए बंद करने के फैसले की चौतरफा आलोचना हो रही है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। एडिटर्स गिल्ड ने कहा है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय का यह निणज़्य सीधे तौर पर प्रेस की आजादी का उल्लंघन है। ऐसा कर सरकार मीडिया पर कड़ी सेंसरशिप थोप रही है, जो आपातकाल के दिनों की याद दिलाता है। यह आजादी और न्याय के मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन है।

नाम पीके ने लिखा है: जब रवीश कुमार 2012 में तत्कालीन यूपीए सरकार से सवाल पूछते थे तब वो इन भक्तों के हीरो थे और आज रविशजी देशद्रोही हो गए?
प्रमोद सिंह ने लिखा है, कोर्ट जाने से एनडीटीवी का देशद्रोही साबित होना तय इसलिए सरकार से ठुक कर अपने आप को शहीद साबित करेगा... कोई आत्महत्या से, कोई देशद्रोह से शहीद...।
चच्चा रवीश ने लिखा है, साहेब आप एनडीटी बंद करवाओ, हम आप की चाय की दुकान फिर से खुलवा देंगे, खुली चुनौति।
विशाल पटेल ने लिख है, कोन बनेगा करोड़पति में पांच करोड़ का सवाल, बागों में बहार है...
राशु ने लिखा है, सवाल मत पूछो क्योंकि बागो में बहार है


indore press club protest against ban on telecast


क्या है प्रेस की स्वतंत्रता
भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1) में वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है। प्रेस एवं मीडिया की स्वतंत्रता को इसी अनुच्छेछद के तहत माना जाता है। ऐसे में इस बैन को वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन माना जा सकता है। हालांकि कुद जानकार इससे इतर राय भी रखते हैं।

ये है मामला
पठानकोट आतंकी हमले के दौरान संवेदनशील जानकारियों की रिपोर्टिंग के मामले में हिंदी न्यूज़ चैनल 'एनडीटीवी इंडिया' को 24 घंटे के लिए बैन किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने न्यूज़ चैनल पर कार्रवाई करते हुए इसे 9 नवंबर को 'ऑफ एयर' (बंद) करने के आदेश दिए हैं। मंत्रालय ने यह कार्रवाई एक अंतर मंत्रालयी समिति की सिफारिश पर की है। सरकार के इस कदम की वरिष्ठ पत्रकार और बुद्धिजीवी वर्ग  निंदा कर रहा है। उनका कहना है कि मोदी सरकार तानाशाह जैसा व्यवहार कर रही है।

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