'फिल्म राजू चाचा के सेट पर ऋषि कपूर गोद में बैठाकर मुझे करते थे दुलार'

'फिल्म राजू चाचा के सेट पर ऋषि कपूर गोद में बैठाकर मुझे करते थे दुलार'

Hussain Ali | Publish: Jun, 15 2019 04:45:10 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

एंड टीवी के अपकमिंग शो ‘जात ना पूछो प्रेम की’ की स्टार कास्ट ने विजिट किया पत्रिका ऑफिस

इंदौर. मेरे लिए फिल्म और टेलीविजन के सेट्स ही क्लासरूम की तरह रहे। यहीं पर मैंने एक्टिंग से जुड़ी हर बारिकियां सीखी। चार साल की उम्र में मराठी फिल्म में काम करने का मौका मिला। उसके बाद चाइल्ड आर्टिस्ट के रुप में मैंने फिल्म राजू चाचा में भी काम किया। वो समय मेरी बेहद अच्छी यादों में से एक है। उस फिल्म में अजय देवगन, ऋषि कपूर और संजय दत्त जैसे कलाकारों के साथ कम उम्र में काम करने का मौका मिला था। मुझे बहुत अच्छे से याद है कि ऋषि कपूर को मैं बहुत क्यूट लगता था और अकसर वे शूटिंग के ब्रैक में मुझे गोदी में बैठाकर दुलार करते थे ।

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ये बात पत्रिका से बातचीत में टीवी कलाकार किंशुक वैद्य ने पत्रिका से बातचीत में साझा की। उन्होंने एंड टीवी पर प्रसारित होने वाले अपने अपकमिंग शो जात ना पूछो प्रेम की, सीरियल के प्रमोशन के लिए पत्रिका विजिट किया। उनके साथ शो में लीड रोल प्ले कर रही प्रणिता राठौड़ भी आई थी। किंशुक ने शाका-लाका बूम-बूम सीरियल में संजू के किरदार से लोकप्रियता हासिल की थी। उन्होंने कहा, मैं काफी भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे कम उम्र में अनुभवी लोगों के साथ काम करने का मौका मिला। मैेंने विष्णुपुराण नाटक में बीआर चोपड़ा के साथ भी काम किया है। उनसे मिला अनुभव इंडस्ट्री में मेरे लिए काफी मददगार रहा।

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लैंग्वेज सीखने के लिए करनी पड़ी मेहनत

सीरियल से टीवी इंडस्ट्री में डेब्यू करने वाली प्रणिता बताती है कि मेरा कॅरियर मॉडलिंग से शुरू हुआ। उसके बाद एक या दो एपिसोड़ में छोटे रोल्स किए। इस सीरियल के लिए कई ऑडिशन देने के बाद सलेक्शन हुआ। मैं मराठी हूं और इस सीरियल में यूपी का किरदार निभा रही हूं तो लैंग्वेज और यूपी के टोन को लेकर काफी परेशानी हुई। इसके लिए ट्रेनर्स ने हमे ट्रेनिंग भी दी। इसके अलावा यूपी बेस्ड टीवी शोज और वेबसीरिज देखकर भी मैंने टोन को सुधारने का काफी प्रयास किया।

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पैशन और फोकस्ड होना जरुरी

किंशुक और प्रणाली ने बताया कि, हम जब एक्टिंग करते है तो ये मायने नहीं रखता कि आपने इसके लिए ट्रेनिंग ली है या नहीं। सिर्फ ये मायने रखता है कि आप कितने पैशन के साथ फोकस्ड होकर काम कर रहे है। किसी भी किरदार को अच्छे से निभाने के लिए उसे फील करना बेहद जरूरी होता है।

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