राज्य मानवाधिकार आयोग ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को जमकर फटकारा

बुजुर्ग दंपती की पानी सप्लाय बंद कर दी

By: amit mandloi

Updated: 20 Jul 2018, 10:45 PM IST


जान जाए, लेकिन आप लाइन शिफ्ट नहीं करेंगे, लिख देने से आपका कर्तव्य पूरा हो गया

- करंट से ५ साल की बच्ची की मौत मामले में आयोग ने बिजली कंपनी को फटकारा
- आयोग को मजबूत बनाए जाने के लिए और पावर दिए जाने चाहिए: आयोग

इंदौर. जान चली जाए, लेकिन लाइन शिफ्ट नहीं की जाएगी। लिख भर देने से आपका कर्तव्य पूरा हो गया। हो जाने दो हादसा। मकान बनने में छह महीने तो लगे ही होंगे। इतने समय में भी आप कुछ नहीं कर पाए। नतीजा आपके सामने है। एक मासूम की जान चली गई। अब सब अपनी-अपनी लीपापोती करते रहो। बच्ची तो चली गई। लाइन को कवर कर के रखें। आगे से एेसी दुर्घटना ना हो, एेसा कुछ कीजिए...।

यह तल्ख टिप्पणी शुक्रवार को राज्य मानवाधिकारी आयोग के सदस्यों ने की। दरअसल, बिजली पोल की चपेट में आई पांच साल की बच्ची की मौत के मामले में सुनवाई चल रही थी। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा, हमने वहां निर्माण ना किए जाने का नोटिस जारी कर दिया था। इस पर आयोग आयोग सदस्य भडक़ गए और अफसरों को जमकर फटकार लगाई। रेसीडेंसी कोठी पर राज्य मानव आयोग की बेंच के समक्ष कई मामलों की सुनवाई हुई। बेंच में न्यायामूर्ति नरेंद्र कुमार, पूर्व रजिस्ट्रार मनोहर ममतानी और पूर्व आईपीएस सरब जीत सिंह शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि सोनवाय क्षेत्र में ११ केवी लाइन के नीचे बने मकान में किराए से रह रहे प्रमोद कुमार की ५ साल की बेटी साक्षी की सितंबर २०१७ में करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में सुनवाई में कंपनी से आएं एई एससी नामदेव से आयोग ने सख्त लहजे में कहा, लाइन शिफ्ट कीजिए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी कीजिए, ताकि लोगों की जान ना जाए। हालांकि, नामदेव ने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो चुका है।

 

बुजुर्ग दंपती की पानी सप्लाय बंद कर दी

... तो कुलपति को बुलाकर कराएंगे साइन


पुलिस दर्ज नहीं कर रही एफआईआर

अनुज के पिता हेमंत जैन ने आयोग के सक्षम आरोप लगाया कि स्कूल टीचर की प्रताडऩा से तंग आकर अनुज ने फांसी लगा ली थी।



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