जान दावं पर फिर भी प्रशासन कर रहा भेदभाव

प्रशासन ने अलग-अलग कंटेनमेंट एरिया बनाकर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे में अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इन अध्यापकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। अध्यापक संगठनों के अनुसार कंटेनमेंट एरिया में शिक्षक जान दावं पर लगाकर काम कर रहे है, बावजूद उन्हें अन्य विभाग के कर्मचारियों के सामान सुरक्षा नहीं मिल रही।

By: Sanjay Rajak

Published: 23 Apr 2020, 10:55 AM IST

इंदौर. कोविड-19 संक्रमण के चलते प्रशासन ने सर्वे शुरू किया, जिसमें आंगनवाड़ी-आशा कार्यकर्ता के साथ अध्यापकों की ड्यूटी भी लगाई है, लेकिन इन अध्यापकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। इस संबंध में कुछ दिन पहले ही आजाद अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा था। संघ पदाधिकारियों के अनुसार कंटेनमेंट एरिया में शिक्षक जान दांव पर लगाकर काम कर रहे हैं, बावजूद उन्हें अन्य विभाग के कर्मचारियों के समान सुरक्षा नहीं मिल रही।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शिल्पी शिवान ने बताया कि हमने प्रशासन से मांग की है कि समस्त मूलभूत सुविधाएं जो शासकीय प्रशासकीय अधिकारी पुलिस विभाग स्वास्थ्य विभाग अथवा पैरामेडिकल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी को दी जा रही है, वही सुविधाएं व पात्रता अध्यापक संवर्ग को भी मिले। अभी तक कंटेनमेंट एरिया में सर्वे का काम देख रहे हैं, उन्हें महज मास्क, सेनेटाइजर और दस्ताने दिए जा रहे हैं। शाम को काम के बाद सीधे घर भेजा रहा है, जबकि इस काम में लगे अन्य कर्मचारी व अफसरों के रुकने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण न फैले। न ही अध्यापकों को बीमा, पूर्ण स्वास्थ्य किट, आवागमन आदि व्यवस्था की गई है। इस संबंध में कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री के नाम पत्र जारी किया गया था। शिल्पी ने बताया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग सचिव रश्मि अरुण शमी से चर्चा हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सकारात्मक नतीजे आएंगे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि अध्यापक, नवीन शिक्षक संवर्ग को अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के समान अनुकंपा, पेंशन, बीमा आदि मिले।

Corona virus
Sanjay Rajak Reporting
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