टीएंडसीपी के अफसरों ने उड़ाई मास्टर प्लान की धज्जियां

टीएंडसीपी के अफसरों ने उड़ाई मास्टर प्लान की धज्जियां

Mohit Panchal | Updated: 11 Jul 2019, 11:08:19 AM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

कांग्रेस नेताओं ने लगाया बिल्डरों से सांठगांठ का आरोप, विभाग ने जारी किया अफसरों को नोटिस, मांगा जवाब

इंदौर। मास्टर प्लान की सड़क एमआर ५ की टीएंडसीपी के अफसरों ने ही जमकर धज्जियां उड़ाईं। ३० मीटर चौड़ी सड़क पर १८ मीटर के हिसाब से नक्शे पास कर दिए गए। ये आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर डाली। उस पर विभाग के प्रमुख सचिव ने जवाबदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

लक्ष्मीबाई मंडी से सुपर कॉरिडोर के बीच में मास्टर प्लान के हिसाब से एमआर ५ बनाया जाना है। ये सड़क एरोड्रम क्षेत्र के लिए भविष्य में वरदान साबित होगी जब सुपर कॉरिडोर पर गहन बस्ती बस जाएगी। वेंकटेश नगर, अंबिकापुरी एक्सटेंशन और मनुश्री नगर से होकर सुपर कॉरिडोर जाने वाली ये सड़क १०० फीट की है। २००८ के पहले इस रास्ते पर एक भी होटल व मल्टी का नक्शा पास नहीं हुआ था, लेकिन २००८ के बाद थोकबंद नक्शे पास होने लगे।

18 मीटर बताकर टीएनसीपी से नक्शे पास करवाए गए, जबकि मास्टर प्लान में सड़क ३० मीटर चौड़ी सड़क है। मजेदार बात ये है कि मास्टर प्लान २०२१ की योजना खत्म नहीं हुई है, तो सवाल खड़े हो रहे हैं कि सड़क को छोटा कैसे कर दिया गया। इसको लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने टीएनसीपी के अफसरों के खिलाफ सरकार को एक गंभीर शिकायत भी की थी।

कहना है कि ये सारा खेल भाजपा नेताओं के इशारों पर किया गया। मास्टर प्लान में ३० मीटर की सड़क को 18 मीटर की बताकर नामचीन बिल्डरों के प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई। इसमें आवासीय, व्यवसायिक के साथ में होटल व मैरिज गार्डनों के नक्शों पर भी मुहर लगाई गई। 1 फरवरी 2008 के बाद टीएंडसीपी इन्दौर के तात्कालीन अफसर विजय सावलकर, संजय मिश्रा, आरके सिंह, डीएल गोयल, नीरज आनंद लिखार व अरविंद कुमार जैन, आरसी सेन ने इस कारनामे को अंजाम दिया है। ये सारा खेल पांच साल में हुआ।

अफसरों को नोटिस
मामले की शिकायत विभाग के आला अफसरों से की गई थी। मामला प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव तक पहुंचा था जिस पर सितंबर 2018 को उन्होंने शोकॉज नोटिस देकर जवाब भी मांगा था। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर मुख्यमंत्री व विभाग के मंत्री को मय प्रमाण के शिकायत की जाएगी।

खड़े किए सवाल
द्विवेदी के मुताबिक मास्टर प्लान भाजपा व भाजपा परिषद के लिए अहम नहीं है तो बताएं दीवाली पर संविद नगर फिर बियाबानी, गणेशगंज आदि क्यों उजाड़ा गया? बरसों-बरस के आशियाने मास्टर प्लान अनुसार सड़क बनाने के लिए बिना मुआवजा दिए क्यों तोड़ दिए गए? 100 साल पुराने मकान और दुकानें तोड़ी गईं।

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