बच्चों को पढ़ाते हुए चुना दूसरों की खुशियों में मिठास घोलने का प्रोफेशन

पूजा पेशे से तो शिक्षिका है, लेकिन खुद नई-नई डिशेज बनाने के शौक ने उन्हें इस पेशे में भी उतरने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी भाभी की मदद से पहले केक बनाना सीखा और उतर गई दूसरों की खुशियों में मिठास घोलने के प्रोफेशन में।

By: लवीं ओव्हल

Published: 06 Oct 2021, 02:15 PM IST

इंदौर. लॉकडाउन के दौरान जब मित्र, पड़ोसी समेत रिश्तेदार अपने परिजनों के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए केक के लिए परेशान होते देखा, तो उनकी परेशानी को देखते हुए पूजा अग्रवाल को खुद ही अपने शौक को बिजनेस का रूप देने का आइडिया आया। पूजा पेशे से तो शिक्षिका है, लेकिन खुद नई-नई डिशेज बनाने के शौक ने उन्हें इस पेशे में भी उतरने के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी भाभी की मदद से पहले केक बनाना सीखा और उतर गई दूसरों की खुशियों में मिठास घोलने के प्रोफेशन में।
बजरंग नगर निवासी पूजा अग्रवाल ने बताया कि पेशे से मैं एक टीचर भी हूं। पहले लॉकडाउन के समय मैंने खुद का बिजनेस करने का सोचा। लेकिन वह समय ही ऐसा था कि हर कोई आर्थिक तौर पर कमजोर हो गया था और मेरी खुद कुछ नया करने की चाहत भी थीं। स्कूल बंद होने से परेशान भी थी। तभी मैंने घर से ही कुछ करने का सोचा। बैकिंग में मेरी दिलचस्पी शुरू से ही थी, तो इसे ही बिजनेस के तौर पर शुरू करने का प्रयास किया। इसमें मेरी एक रिश्तेदार भाभी है ने मेरी मदद की और मैंने बेक माय केक के नाम से 3 हजार रुपए में अपना होम बैकिंग बिजनेस शुरू किया। शुरुआत में बहुत-सी दिक्कतें भी आई, लेकिन मैंने उनसे सीखना शुरू कर दिया। परिवार और मित्रों ने भी इसमें सहयोग किया।
लोगों ने पसंद किया बेक माय केक
समय की मांग को देखते हुए लोग होम मेड फूड आइटम को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। आज मेरा व्यवसाय अच्छा चल रहा हैं। कम कीमत में भी स्वाद के साथ कोई समझौता ना करना मेरा ध्येय होता है। लोगों द्वारा बेक माय केक के स्वाद को काफी पसंद किया जा रहा है। एक बार जिनके पास मेरा केक चला जाये तो उसे और कहीं भी जाने की जरूरत नहीं होती। खुशी भी बहुत होती हैं किसी और की खुशियों में मिठास घोलने की।
भाभी ने की मदद, बताई बारिकियां
वैसे तो इसमें इनकम ग्राहक की ऑर्डर संख्या पर निर्भर करती हैं। लेकिन फिर भी २० से २५ हजार आय हो जाती हैं। जब मैंने होम बेकर बनने का विचार किया तब मेरी एक भाभी, जो धामनोद मे खुद एक होम बेकर और प्रशिक्षक है, उन्होंने इस बिजनेस को शुरू करने में मेरा सहयोग किया। साथ ही इस बिजनेस की बारिकियों से मुझे अवगत कराया। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा। शुरुआत में परिवार को इसके लिए राजी करना थोड़ा मुश्किल था पर बाद में सभी ने सहयोग करना शुरू किया।
सीमित संसाधनों से शुरुआत
पूजा ने बताया कि ग्राहक बनाने से लेकर ग्राहक की पसंद के हिसाब से कम कीमत में अच्छी क्वालिटी देना भी जरूरी होता है। शुरू में साधन भी सीमित ही थे। फिर धीरे-धीरे आय के साथ-साथ सब साधन जुटाए। इंदौर जैसे शहर में इस बिजनेस में प्रतिस्पर्धा भी बहुत है। ग्राहक बनाने के साथ-साथ उनका विश्वास पाना भी एक मुश्किल काम था, लेकिन लोगों को उनके बजट के अनुसार अच्छा केक देना हमेशा मेरा उद्देश्य होता है।
होममेड चॉकलेट और गिफ्ट हेम्पर भी किए शुरू
अब ईश्वर की असीम कृपा और अपनों के साथ की वजह से मेरा व्यावसाय अच्छा चल रहा हैं। अब मैंने होममेड चॉकलेट और गिफ्ट हेम्पर कस्टमाइज्ड करना भी शुरू किया है। जो जीवन में कुछ करना करना चाहती है, मैं उन सभी महिलाओं से कहना चाहूंगी कि वे अपने शौक को अपना व्यवसाय बनाए। बाधाओं से सीखे, ईश्वर पर अटूट विश्वास और संयम के साथ आगे बढ़े तो सफलता अवश्य मिलेगी।
--- यह है खास ---
- रोज तैयार कर रही 5 से 8 केक
- केक बनाने में परिवार भी करता है सहयोग
- ऐसे बढ़ा टर्नओवर
जून - 3500
जुलाई - 11000
अगस्त - 21000
सितंबर - 25000

मैं कैसे करती हूं शुरुआत - काम के लिए जो भी क्षेत्र चुने वह अपनी पसंद का होना चाहिए।
संसाधन : शुरुआत में अधिक खर्च करने की जरुरत नहीं। उपलब्ध संसाधनों से ही काम शुरू किया जाना चाहिए।
स्टडी - ये जरूर ध्यान रखा जाएं कि हमारे कस्टमर कौन होंगे और उनकी जरुरतें क्या है?
पैशंस : ये जरूरी नहीं कि हर बिजनेस सफल ही हो। मगर शुरुआती असफलता के आगे हार न माने। अच्छे रिटर्न की उम्मीद पर काम जारी रखें।
टीम : बिजनेस के मॉडल पर डिपेंड करता है कि आपकी टीम कितनी बड़ी हो। घर से होने वाले बिजनेस में एक से तीन लोग पर्याप्त है।

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लवीं ओव्हल
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