scriptThe distance of Mumbai will decrease by 170 km | पूरे 170 किमी घट जाएगी मुंबई की दूरी, नई लाइन से महज 9 घंटे में तय होगा सफर | Patrika News

पूरे 170 किमी घट जाएगी मुंबई की दूरी, नई लाइन से महज 9 घंटे में तय होगा सफर

दो राज्यों की सरकारें और जहाज रानी मंत्रालय करा रहे निर्माण

 

इंदौर

Published: February 13, 2022 04:10:57 pm

इंदौर। मध्यप्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन प्रोजेक्ट का काम धीरे—धीरे चल रहा है. महाराष्ट्र में इस योजना में कुछ काम शुरू हो चुका है, हालांकि यह इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए नाकाफी बताया जा रहा है। सरकार ने बजट में भी इस परियोजना के लिए नाम मात्र की राशि दी है। इसके बाद भी यह परियोजना लाखों यात्रियों के लिए बहुत अहम साबित हो सकती है। परियोजना में नई लाइन बनने से मुंबई की दूरी बहुत कम हो जाएगी. योजना में काम तेजी से चलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए परियोजना के अंतर्गत आने वाले सभी क्षेत्रों के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात करेंगे।

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उल्लेखनीय है कि नई रेल लाइन इगतपुरी, नासिक, सिन्नार, खेड़, धुले, नरडाणा, शिरपुर, सेंधवा, जुलवानिया से होकर गुजरेगी। रेल लाइन शुरू होने पर इंदौर से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट— जेएनपीटी की दूरी करीब 170 किमी कम हो जाएगी। अभी रतलाम होते हुए इंदौर से मुंबई की दूरी करीब 829 किमी है। यहां से ट्रेन करीब 13 घंटे में इंदौर से मुंबई पहुंचती है। नई लाइन बनने से दूरी 659 किमी रह जाएगी और सफर करीब नौ घंटे का हो जाएगा।

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इस परियोजना के लिए कुछ साल पहले एमओयू साइन हुआ था। इसमें 10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट की बात कही गई थी. इसके लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने 15-15 प्रतिशत की राशि देने के लिए कहा था जबकि 15 प्रतिशत राशि जहाजरानी मंत्रालय और शेष 55 प्रतिशत राशि जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट—जेएनपीटी को देनी थी।

परियोजना के लिए जमीन का सर्वे होने के बाद भी इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। धुलिया से नरडाना के बीच में जरूर जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हुआ है, लेकिन अब तक इसमें फंड नहीं मिला है। बजट में भी केवल परियोजना का खाता खुला रखने के लिए एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इससे प्रोजेक्ट में देरी होना तय है.

रेलवे सूत्रों ने बताया कि इस परियोजना में सबसे अधिक राशि देने वाले जेएनपीटी ने अब फंड की कमी की बात कही है। मंत्रालय ने उपलब्ध फंड का उपयोग किसी पोर्ट के निर्माण में लगाने की बात कही है। इससे रेल लाइन प्रोजेक्ट में और देरी होना तय हो गया है। वहीं विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि योजना का काम मनमाड़ से ही शुरू होना चाहिए। धुलिया से काम शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है.

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