ऐसा है यहां का आरटीओ, मुफ्त के काम के भी देना पड़ रहे हैं 100 रुपए

ऐसा है यहां का आरटीओ, मुफ्त के काम के भी देना पड़ रहे हैं 100 रुपए

Hussain Ali | Updated: 19 Oct 2018, 04:01:39 PM (IST) Indore, Madhya Pradesh, India

आरटीओ कार्यालय में जो काम मुफ्त में किया जाना है, उसके लिए भी रसीद कटवाना जरूरी है।

इंदौर. आरटीओ कार्यालय में जो काम मुफ्त में किया जाना है, उसके लिए भी रसीद कटवाना जरूरी है। भले वह मुफ्त का ही क्यों न हो। दरअसल पूरा मामला वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर पर चढ़े फायनेंस कटवाने से जुड़ा हुआ है। परिवहन विभाग में वाहन के रजिस्ट्रेशन कार्ड पर चढ़े फायनेंस हटवाने के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाती है, लेकिन विभाग के साथ आईटी का काम देख कर रही स्मार्ट चिप कंपनी आवेदकों से जबरन वसूली कर रही है।

फायनेंस हटवाने के लिए आवेदकों से शून्य रुपए की रसीद कटवाने को कहा जाता है। इस रसीद को कटवाने में आवेदक से 70 से 100 रुपए तक की वसूली कर ली जाती है। अगर शून्य रूपए की रसीद नहीं लगाई जाती है तो फायनेंस काटने से विभाग मना कर देता है। आरटीओ में किसी भी वाहन का फायनेंस कटवाने पर रसीद को अनिवार्य किया गया है। इसी का सीधा फायदा स्मार्ट चिप कंपनी को मिल रहा है। इंदौर से ही हर माह कंपनी के खाते में मुफ्त के लिए लाखों रुपए आ रहे हैं। दरअसल मुफ्त के काम के लिए रसीद कटवाने पर स्मार्ट चिप कंपनी ४२ रुपए बतौर टैक्स वसूलती और रसीद जारी करने वाले निजी ऑपरेटर 30 से 60 रुपए बतौर फीस वसूल लेते हैं।

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